Sunday, June 14, 2026 |
Home Tech Worldभारत और जर्मनी के बीच क्वांटम संचार, फोटोनिक्स और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में सहयोग की नई संभावनाएं तलाशीं

भारत और जर्मनी के बीच क्वांटम संचार, फोटोनिक्स और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में सहयोग की नई संभावनाएं तलाशीं

by Business Remedies
0 comments
India And Germany Discuss Partnership In Quantum Communication, Photonics And Space Technology

नई दिल्ली,

भारत और जर्मनी ने क्वांटम संचार, फोटोनिक्स, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और डीप-टेक नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा की है। जर्मनी के थुरिंगिया राज्य के मंत्री-अध्यक्ष मारियो फोग्ट ने मंगलवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की, जिसमें दोनों पक्षों ने उभरती हुई अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों में दीर्घकालिक साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान थुरिंगिया की पहचान फोटोनिक्स, प्रकाशिकी, क्वांटम प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में यूरोप के प्रमुख केंद्र के रूप में स्वीकार की गई। दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में संस्थागत सहयोग बढ़ाने और दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।

विचार-विमर्श का मुख्य उद्देश्य भारत और जर्मनी की पूरक क्षमताओं का लाभ उठाना तथा सरकारों, वैज्ञानिक संस्थानों, स्टार्टअप कंपनियों और उद्योग जगत के बीच गहरा सहयोग स्थापित करना रहा। इससे अनुसंधान को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रौद्योगिकियों, उत्पादों और नवाचार आधारित उद्यमों में बदलने की प्रक्रिया को गति मिल सकेगी। बैठक में क्वांटम प्रौद्योगिकी और फोटोनिक्स से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें क्वांटम संचार, क्वांटम उपग्रह संचार, ऑप्टिकल ग्राउंड स्टेशन और क्वांटम नेटवर्क जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। अधिकारियों ने ऑप्टिकल ग्राउंड स्टेशन प्रौद्योगिकी में मानकीकरण और पारस्परिक अनुकूलता को बढ़ावा देने के लिए यूरोप की विभिन्न पहलों पर भी चर्चा की।

दोनों देशों ने वैज्ञानिक सहयोग, विशेषज्ञता के आदान-प्रदान तथा अनुसंधान संस्थानों, प्रौद्योगिकी संगठनों और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच भविष्य में संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं पर भी विचार किया। इस बैठक में दोनों देशों के सरकारी प्रतिनिधि, अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने नवाचार पारिस्थितिकी तंत्रों को जोड़ने और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों में सहयोग को तेज करने के लिए संभावित मार्गों की पहचान की। चर्चा के दौरान क्वांटम प्रौद्योगिकी के बढ़ते रणनीतिक महत्व और इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत हासिल की गई प्रगति की जानकारी साझा की। उन्होंने सुरक्षित क्वांटम संचार और उससे जुड़ी तकनीकों में भारत की उपलब्धियों को रेखांकित किया।

मंत्री ने यह भी बताया कि भारत मिशन मोड में कई अत्याधुनिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहा है। इनमें राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, IndiaAI Mission, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन तथा जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित पहलें शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से संयुक्त अनुसंधान, नवाचार आधारित विकास और प्रौद्योगिकी साझेदारी के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। बैठक में अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विशेष चर्चा हुई। यह सहयोग भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और जर्मन एयरोस्पेस केंद्र के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डॉ. सिंह ने भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमताओं, निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने वाली हालिया नीतिगत सुधारों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने वाली पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि देश की बढ़ती अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में स्टार्टअप कंपनियां महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

भारत अब तक अपने प्रक्षेपण यानों के माध्यम से जर्मनी के 11 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण कर चुका है। इस अवसर पर भारत ने अंतरिक्ष अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और व्यावसायिक अनुप्रयोगों के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को और विस्तार देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अधिकारियों ने उपग्रह संचार, ऑप्टिकल संचार, मानव अंतरिक्ष उड़ान, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण अनुसंधान, पृथ्वी अवलोकन, ड्रोन प्रौद्योगिकी तथा भविष्य के अंतरिक्ष अन्वेषण अभियानों में संभावित सहयोग पर भी विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और जर्मनी के बीच यह सहयोग आने वाले वर्षों में क्वांटम और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई उपलब्धियों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।



You may also like

Leave a Comment