नई दिल्ली : भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया, और GDP growth 7.8% तक पहुंच गई। यह अनुमानित 6.6% से काफी ऊपर है। इस तेज़ विकास के पीछे मुख्य रूप से Manufacturing aur Services sector की बढ़त है।
केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्विसेज सेक्टर के मुख्य हिस्सों—ट्रेड, होटल्स, ट्रांसपोर्ट और ब्रॉडकॉस्टिंग सर्विसेज—की growth rate 8.6% रही, जबकि फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज की growth 9.5% रही। पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और डिफेंस सेक्टर ने भी 9.8% की impressive growth दर्ज की।
सर्विसेज सेक्टर की यह तेज़ी कुछ हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स से भी साफ दिख रही है, जैसे कि केंद्रीय revenue expenditure में वृद्धि, बढ़िया services export, e-way bill collection और goods traffic में improvement।
Manufacturing sector ने भी अच्छे numbers दिखाए। इस दौरान इसका growth 7.7% रहा, जो पिछले साल की 4.8% के मुकाबले काफी अधिक है। इसका फायदा domestic consumption और developed countries में exports बढ़ने से हुआ। हालांकि, mining और electricity जैसे कुछ सेक्टर्स में performance कमजोर रही।
कुल ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) की growth 7.6% रही। रिपोर्ट में कहा गया कि GDP और GVA के बीच gap अप्रत्यक्ष taxes और subsidy में बढ़ोतरी के कारण है।
इस रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि भारत की economy तेजी से recovery की तरफ बढ़ रही है, और Manufacturing aur Services sector की strong growth से FY26 की पहली तिमाही उम्मीद से बेहतर रही।



