Sunday, June 28, 2026 |
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भारत में commercial drone बाजार तेजी से बढ़ेगा, FY29 तक 18 प्रतिशत की growth का अनुमान

by Business Remedies
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Drones used in agriculture in India and the growing drone market

मुंबई,

भारत का commercial drone क्षेत्र तेजी से विस्तार की ओर बढ़ रहा है। एक नई report के अनुसार, FY26 में इस industry का market size लगभग 1.88 billion डॉलर यानी करीब 17,000 करोड़ रुपये रहा, और FY25 से FY29 के बीच यह लगभग 17.98 प्रतिशत की compounded growth rate से बढ़ने की उम्मीद है। Report में बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर इस क्षेत्र में अमेरिका पहले स्थान पर है, उसके बाद चीन आता है, जबकि भारत इस समय सातवें स्थान पर मौजूद है। यह जानकारी B2K Analytics की research report में सामने आई है।

कृषि क्षेत्र में drone से लागत में बड़ी कमी

Drone तकनीक का सबसे बड़ा उपयोग कृषि क्षेत्र में देखा जा रहा है। Report के अनुसार, agrochemical छिड़काव में drone का उपयोग करने से manual तरीके की तुलना में लगभग 80 प्रतिशत तक लागत कम हो सकती है। एक अध्ययन में 6.4 से 7.1 लाख रुपये कीमत वाले छोटे और मध्यम आकार के drone का विश्लेषण किया गया, जिनकी अधिकतम operational life तीन वर्ष मानी गई। इसके मुकाबले manual श्रम पर सालाना लगभग 1.7 लाख रुपये का खर्च आता है। अध्ययन में पाया गया कि जहां manual श्रमिक एक एकड़ में काम करते हैं, वहीं drone उसी समय में 6 से 6.6 एकड़ क्षेत्र को कवर कर सकते हैं। Efficiency और depreciation को ध्यान में रखने के बाद drone, manual श्रम की तुलना में 78 प्रतिशत से अधिक किफायती पाए गए।

भारत में drone certification और उपयोग का दायरा

वर्तमान में भारत में 122 Type Certificate धारक हैं। यह प्रमाणन DGCA द्वारा दिया जाता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि drone मॉडल commercial उपयोग के लिए safety, airworthiness और performance standards को पूरा करता है। इनमें से लगभग 70 प्रतिशत drone कृषि कार्यों, खासकर agrochemical छिड़काव के लिए प्रमाणित हैं। वहीं 24 प्रतिशत drone surveillance और mapping कार्यों में उपयोग किए जा रहे हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि कृषि इस समय drone का सबसे बड़ा उपयोग क्षेत्र है। सरकार की नीतियों ने भी इस क्षेत्र को मजबूती दी है। पूरी तरह से बने drone के आयात पर प्रतिबंध और production-linked incentive scheme जैसे कदमों से स्थानीय निर्माण और research को बढ़ावा मिला है। Namo Drone Didi योजना के माध्यम से महिलाओं के self-help groups को drone तकनीक से जोड़कर उन्हें कृषि सेवाओं में सक्षम बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे इस तकनीक का उपयोग और अधिक बढ़ेगा।

विभिन्न मंत्रालयों द्वारा बढ़ता उपयोग

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय drone खरीद पर subsidy प्रदान करता है। वहीं खनन और सड़क परिवहन मंत्रालय खदानों और highway परियोजनाओं की निगरानी के लिए drone का उपयोग कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय भी remotely piloted aerial vehicles की खरीद के माध्यम से अपनी operational तैयारी को मजबूत कर रहा है। इसके अलावा, भारत का लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्र green zone में आता है, जहां बिना पूर्व अनुमति के drone संचालन संभव है। Report में कहा गया है कि पंजाब, हरियाणा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के बाद अब अन्य राज्यों में भी कृषि क्षेत्र में drone का उपयोग तेजी से बढ़ेगा, जिससे farm आधारित बड़ा बाजार विकसित होने की संभावना है।



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