बिजऩेस रेमेडीज/रायपुर भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) Raipur ने छत्तीसगढ़ के विधायकों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय सार्वजनिक नेतृत्व कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विधायकों की प्रशासनिक दक्षता और नेतृत्व क्षमता को विकसित करना था, जिससे ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ की परिकल्पना को साकार किया जा सके।
कार्यक्रम का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। विपक्ष के नेता डॉ. चरणदास महंत, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम विधायकों के लिए एक सशक्त मंच है, जहाँ वे नए समाधान और विचार साझा कर सकते हैं। एक जनप्रतिनिधि के रूप में जनता के साथ संवाद और तकनीकी नवाचार पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
IIM Raipur के निदेशक डॉ. राम कुमार काकानी ने कहा, कि हम शिक्षा और प्रशासन के बीच की खाई को पाटने में विश्वास रखते हैं। यह कार्यक्रम केवल ज्ञान प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान और नवाचारी समाधानों को साझा करने का एक मंच भी है। यह कार्यक्रम निर्णय लेने और रणनीतिक संवाद पर आधारित क्षमता निर्माण के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने का एक आवश्यक तत्व है। कार्यक्रम निदेशक, प्रो. संजीव प्रशर और प्रो. सुमीत गुप्ता ने इस पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि मुख्य संचालक प्रो. अर्चना पराशर ने भी विचार साझा किए।

