New Delhi,
सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने एलपीजी वितरण प्रणाली में गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 10 वितरकों को निलंबित कर दिया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि अनियमितताओं के प्रति उसकी नीति पूरी तरह शून्य सहनशीलता की है। कंपनी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि जांच के दौरान जिन वितरकों की भूमिका गड़बड़ियों में पाई गई, उनके खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई है। एचपीसीएल ने कहा कि जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए समय पर अनुशासनात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब केंद्र सरकार एलपीजी की उपलब्धता और वितरण से जुड़ी अफवाहों तथा गलत सूचनाओं पर नियंत्रण करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों में अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी और जमाखोरी की स्थिति देखी गई थी, जिससे वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक दिन पहले सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपील की थी कि वे इस तरह की अफवाहों का मुकाबला करने के लिए सक्रिय संचार व्यवस्था अपनाएं। मंत्रालय ने अपने संदेश में कहा कि सोशल मीडिया पर एलपीजी सहित पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और कीमतों को लेकर गलत जानकारी तेजी से फैल रही है।
मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिया कि वरिष्ठ स्तर पर रोजाना प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जाए और सोशल तथा इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए सही और समय पर जानकारी जनता तक पहुंचाई जाए, ताकि लोगों में भरोसा बना रहे और आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की चिंता न हो। इसके साथ ही सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश भी दिए हैं। एचपीसीएल ने भी दोहराया कि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा, पारदर्शिता बनाए रखना और भरोसेमंद सेवा प्रदान करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी ने एक अन्य बयान में कहा कि डीलरों द्वारा नियमों के उल्लंघन के मामलों को गंभीरता से लिया गया है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एचपीसीएल ने स्पष्ट किया कि ग्राहक हित, पारदर्शिता और सेवा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



