New Delhi,
मंगलवार को सोना और चांदी की कीमतों में बढ़त देखी गई, क्योंकि निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी नीति बैठक से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं। शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं में मजबूती दर्ज की गई। Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोने के अप्रैल वायदा का भाव सुबह करीब 10 बजे 10 ग्राम के लिए 1 लाख 57 हजार 145 रुपये पर पहुंच गया, जो 1 हजार 409 रुपये यानी लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। कारोबार के दौरान सोना 1 लाख 56 हजार 649 रुपये के निचले स्तर तक भी गया, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार सीमित दायरे में बना हुआ है लेकिन रुख मजबूत है।
चांदी में भी मजबूत तेजी
चांदी के मई वायदा अनुबंध में 2.4 प्रतिशत यानी 6 हजार 367 रुपये की तेजी दर्ज की गई और यह 1 किलोग्राम के लिए 2 लाख 62 हजार 899 रुपये पर कारोबार करता दिखा। शुरुआती कारोबार में चांदी 2 लाख 58 हजार 338 रुपये के निचले स्तर तक पहुंची। यह तेजी अमेरिकी केंद्रीय बैंक की दो दिवसीय बैठक से पहले आई है, जो 17 मार्च से शुरू होकर 18 मार्च को समाप्त होगी। इस बैठक के नतीजों पर वैश्विक बाजार की नजर बनी हुई है।विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे अमेरिकी ब्याज दरों के फैसले प्रभावित हो सकते हैं। यही कारण है कि निवेशक फिलहाल सतर्क बने हुए हैं। विश्लेषकों का कहना है कि हाल के समय में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोना और चांदी अब स्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं। MCX पर सोना फिलहाल 1 लाख 56 हजार 500 रुपये से 1 लाख 57 हजार 500 रुपये के दायरे में बना हुआ है, जो हल्की मुनाफावसूली या स्थिर रुख का संकेत देता है। अगर सोना 1 लाख 55 हजार से 1 लाख 56 हजार रुपये के समर्थन स्तर से ऊपर बना रहता है, तो मध्यम अवधि में तेजी का रुख कायम रह सकता है। वहीं 1 लाख 59 हजार रुपये के ऊपर मजबूती से निकलने पर कीमतें 1 लाख 63 हजार से 1 लाख 65 हजार रुपये तक जा सकती हैं।
चांदी के लिए महत्वपूर्ण स्तर
चांदी के लिए 2 लाख 65 हजार रुपये के ऊपर टिके रहने पर आगे और तेजी देखने को मिल सकती है, जिससे कीमतें 2 लाख 75 हजार से 2 लाख 80 हजार रुपये तक जा सकती हैं। वहीं नीचे की ओर 2 लाख 47 हजार से 2 लाख 50 हजार रुपये का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना हाल में ऊंचाई छूने के बाद थोड़े सुधार के दौर में है। विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत समर्थन स्तर लगभग 4,950 से 5,000 डॉलर के आसपास देखा जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी की कीमतों में तेजी मुख्य रूप से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के कारण आई थी। हालांकि, यदि अमेरिकी केंद्रीय बैंक महंगाई बढ़ने के संकेत देता है या ऊंची दरों को बरकरार रखता है, तो इससे कीमतों पर दबाव आ सकता है। पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई है, जिसका प्रमुख कारण ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी तनाव है। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंता और बढ़ गई है।

