कई देशों के बीच तनाव से घट रहा व्यापार
इस उद्योग से जुड़े उद्यमी बोले, 30 प्रतिशत का घाटा
बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। वैश्विक चुनौतियों व तनाव ने कई व्यापार को घाटा पहुंचाया है। इनमें से एक है कैमिकल इंडस्ट्री। इस इंडस्ट्री को कई देशों में आपसी तनाव ने काफी घाटा दिया है। व्यापार कम होने से उद्यमी परेशान हैं। फेब्रिक या कपड़ा इंडस्ट्री में भी कई तरह के कैमिकल काम आते हैं। ये कैमिकल फेब्रिक या कपड़े को मजबूती देते हैं। इस उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने बताया, वर्तमान में देशों के आपसी तनाव की वजह से व्यापार में काफी घाटा हो रहा है। जानकारी के अनुसार, फेब्रिक या कपड़ों पर कई तरह के कैमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो उनकी गुणवत्ता, रंग और बनावट को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इन कैमिकल की वजह से फेब्रिक या कपड़े में चमक व मजबूती आती है, जिससे वे लंबे समय तक चलते हैं।
फेब्रिक पर लगने वाले कैमिकल्स के प्रकार
डाइंग और प्रिंटिंग केमिकल्स: कपड़ों को रंगने और उन पर डिजाइन प्रिंट करने के लिए विभिन्न कैमिकल्स का उपयोग होता है।
– फिनिशिंग केमिकल्स: कपड़ों को सॉफ्ट, रिंकल-फ्री या वॉटर-रेपेलेंट बनाने के लिए फिनिशिंग एजेंट्स का इस्तेमाल होता है।
– क्लीनिंग केमिकल्स: कपड़ों की सफाई और रखरखाव में भी विभिन्न कैमिकल्स का उपयोग होता है।
सुरक्षित विकल्प
– ऑर्गेनिक और नेचुरल फैब्रिक्स: ऑर्गेनिक कॉटन या अन्य प्राकृतिक फाइबर से बने कपड़े कम कैमिकल्स का उपयोग करते हैं।
– केमिकल-फ्री प्रोसेसिंग : कुछ निर्माता केमिकल-फ्री या लो-केमिकल प्रोसेसिंग विधियों का उपयोग करते हैं।
– कैमिकल इंडस्ट्री पर जीएसटी में कोई बदलाव नहीं है। पहले भी 18 प्रतिशत लग रही थी अब भी 18 प्रतिशत ही है। अमेरीकी टैरिफ का भी हमारी इंडस्ट्री पर कोई असर नहीं है। बीते पांच वर्षों में जीएसटी की वजह से बिजनेस अच्छा हुआ है, लेकिन वैश्विक चुनौतियां व आपसी तनावों की वजह से व्यापार कम हुआ है। करीब 25 से 30 प्रतिशत बाजार में गिरावट है। राज्य सरकार की ओर से दी जा रही किसी भी फेसिलिटी के बारे में जानकारी नहीं है। राज्य सरकार ने एक्सपोर्ट पर कुछ इनसेंटिव बढ़ाए हैं, हालांकि यह ड्रॉ बैक है, लेकिन हमारी इंडस्ट्री के लिए अच्छा है।
– मितेश गांधी, मैनेजिंग डायरेक्टर, महिक्रा कैमिकल लिमिटेड, अहमदाबाद

