बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली (आईएएनएस)। एआई, 5जी, ईवी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और एडवांस कंप्यूटिंग की वजह से सेमीकंडक्टर की मांग दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही भारत अपने टैलेंट, पॉलिसी पुश और स्ट्रैटेजिक लोकेशन का लाभ उठाते हुए सेमीकंडक्टर इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग का हब बन रहा है। भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2024 में रिकॉर्ड 656 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई, जिसकी बदौलत भारत तेजी से ग्लोबल सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में की-प्लेयर के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत बना रहा है।
गार्टनर की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एनवीडिया टॉप 10 चिप सप्लायर में सबसे आगे है और सबसे बड़ा योगदान जीपीयू, सीपीयू, मेमोरी और मोबाइल एसओसी का है। सरकार के ‘सेमीकॉन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत, घरेलू चिप निर्माण, एडवांस पैकेजिंग और सेमीकंडक्टर डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए 76,000 करोड़ रुपये (10 बिलियन डॉलर) का प्रोत्साहन पैकेज शुरू किया गया है। सेमी आईईएसए के अध्यक्ष अशोक चांडक ने कहा, “उद्योग जगत की मजबूत भागीदारी के साथ-साथ, आईईएसए सदस्य कंपनियों और कई भारतीय राज्यों में ग्लोबल प्लेयर्स ने 20 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश पहले ही कर लिया है।”

