Wednesday, May 20, 2026 |
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भारत में GCC leasing ने बनाया नया रिकॉर्ड, जनवरी-मार्च तिमाही में ऐतिहासिक स्तर

by Business Remedies
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Rising graph of office space leasing in India and GCC

New Delhi,

भारत में वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) की लीजिंग गतिविधियों ने वर्ष 2026 की पहली तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बीच नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में कुल 9.1 मिलियन वर्ग फुट स्थान की लीजिंग हुई, जो अब तक की किसी भी तिमाही में सबसे अधिक है। रिपोर्ट में बताया गया कि देश के कुल ऑफिस सेक्टर में भी जबरदस्त तेजी देखी गई। इस दौरान कुल 20.7 मिलियन वर्ग फुट का ग्रॉस अवशोषण दर्ज किया गया, जो किसी भी तिमाही का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। पिछले वर्ष की समान तिमाही (2025) में यह आंकड़ा 19.7 मिलियन वर्ग फुट था, यानी इस वर्ष इसमें 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह दर्शाता है कि ऑफिस सेक्टर में मांग स्थिर बनी हुई है और इसमें मजबूती कायम है।

भारत बना वैश्विक पसंदीदा केंद्र

सीबीआरई दक्षिण एशिया प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुमान मैगज़ीन ने कहा कि जीसीसी लीजिंग में यह रिकॉर्ड भारत की वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति को दर्शाता है। भारत अब जटिल और उच्च स्तरीय कार्यों के लिए प्रमुख वैश्विक केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह मांग किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि ई-कॉमर्स, प्रौद्योगिकी और बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। साथ ही, बड़ी कंपनियों के अलावा मध्यम और छोटे स्तर के जीसीसी भी इस वृद्धि को आगे बढ़ा रहे हैं। भारत में जीसीसी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। मध्यम श्रेणी के जीसीसी अब उच्च स्तर के परिवर्तन केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं, जो वैश्विक उत्पादों और सेवाओं की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं छोटे जीसीसी तेजी से नवाचार और अनुसंधान पर केंद्रित इकाइयों के रूप में उभर रहे हैं, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता और विशेष अनुसंधान क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

कुल लीजिंग में जीसीसी की बड़ी हिस्सेदारी

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली तिमाही में कुल ऑफिस अवशोषण का 44 प्रतिशत हिस्सा जीसीसी से आया। इसमें अमेरिकी कंपनियों का योगदान सबसे अधिक रहा, जिनकी हिस्सेदारी 73 प्रतिशत रही। सेक्टर के आधार पर देखें तो ई-कॉमर्स क्षेत्र का योगदान 24 प्रतिशत, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का 20 प्रतिशत, प्रौद्योगिकी क्षेत्र का 20 प्रतिशत और अनुसंधान व परामर्श क्षेत्र का 19 प्रतिशत रहा। शहरों के हिसाब से बेंगलुरु जीसीसी लीजिंग में 48 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद हैदराबाद 19 प्रतिशत और दिल्ली-एनसीआर 14 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। सीबीआरई इंडिया के लीजिंग सेवाओं के प्रबंध निदेशक राम चंदनानी ने कहा कि अब विभिन्न शहरों और सेक्टर में मांग का विस्तार हो रहा है, जिससे यह स्पष्ट है कि देशभर में जीसीसी की भूमिका लगातार बढ़ रही है।



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