- किराना किंग ब्रांड लोकप्रियता और विश्वसनीयता की परिपाटी पर सर्वोत्तम
बिजनेस रेमेडीज, जयपुर। फूड तथा FMCG sector में आए दिन नई-नई कंपनियां व्यापार के लिए उतर रही है। इस सेक्टर में बहुराष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय ब्रांड के साथ-साथ बहुत से प्रादेशिक ब्रांड कार्य कर रहे हैं। कई ब्रांड्स ऐसे भी हैं जो ज्यादा मुनाफा बनाने के चक्कर में निर्धारित मानकों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। किराना किंग ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण पैकेज्ड स्टेपल्स प्रोडक्ट्स मुहैया करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। फूड प्रोडक्ट ब्रांड की पैकेजिंग क्वालिटी बेहतर होनी अति आवश्यक है ताकि खरीदा गया प्रोडक्ट ग्राहक तक गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंच सके। फूड तथा FMCG Products की एक्सपायरी जनित बर्बादी रोकने के लिए सरकार द्वारा एक ऑनलाइन प्लेटफार्म बनाया जाए, जिसमें ब्रांड्स, वितरकों, व्यापारियों तथा रिटेलरों को पंजीकृत किया जाए।
खाद्य और FMCG products की समाप्ति तिथि के कारण होने वाले अपव्यय को कम करने के लिए एक बी2बी डिजिटल बिडिंग प्लेटफॉर्म की अत्यधिक आवश्यकता है। ऐसे प्लेटफॉर्म की मदद से, वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और निर्माताओं को उत्पादों की समाप्ति तिथि, स्टॉक स्थिति और बची हुई सामग्री के बारे में वास्तविक समय में जानकारी मिल सकती है।
सरकार द्वारा संचालित एक ऑनलाइन B2B Building platform का उद्देश्य ब्रांड्स, निर्माता, डीलर्स, वितरक और रिटेलर्स को एक साथ जोडऩा है। फूड और एफएमसीजी उत्पादों की अवधि समाप्ति से होने वाले नुकसान और बर्बादी को कम किया जा सके।
खाद्य अपव्यय का कुल अनुमान
संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के अनुसार, भारत में लगभग 40 प्रतिशत खाद्य पदार्थ हर साल बर्बाद होते हैं। इसका मतलब है कि सालाना करीब 67 मिलियन टन खाद्य पदार्थ बर्बाद होते हैं, जिनमें से अधिकांश ताजे उत्पाद होते हैं। इनमें फल, सब्जियां, अनाज और डेयरी उत्पाद शामिल हैं।
अवधि समाप्ति तिथि के कारण बर्बादी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय उपभोक्ता आमतौर पर उत्पादों को उनके ‘बेस्ट बिफोर’ और ‘एक्सपायरी’ डेट्स के कारण फेंक देते हैं, भले ही कुछ उत्पाद समाप्ति तिथि के बाद भी उपयोग में लिए जा सकते हैं। यह मुख्य रूप से पैकेजिंग और सूचना की कमी के कारण होता है, जिससे लोग यह समझ नहीं पाते कि समाप्ति तिथि के बाद भी कई खाद्य उत्पाद सुरक्षित हो सकते हैं।

खाद्य प्रसंस्करण और भंडारण में समस्या
भारत में खाद्य प्रसंस्करण और भंडारण के बेहतर उपायों की कमी के कारण कृषि उत्पादों का 30-40 प्रतिशत हिस्सा उत्पादन से उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाता है। इसके चलते बहुत से खाद्य पदार्थ जैसे फल, सब्जियां और दूध से जुड़े उत्पाद जल्द खराब हो जाते हैं, जबकि यदि बेहतर भंडारण और प्रसंस्करण तकनीक अपनाई जाएं तो इनका बर्बाद होना रोका जा सकता है।
आर्थिक नुकसान
खाद्य अपव्यय का आर्थिक मूल्य भी काफी बड़ा है। भारत सरकार और एफएओ के अनुसार, भारत में खाद्य अपव्यय के कारण हर साल लगभग 92,000 करोड़ रुपए का नुकसान होता है। यह आंकड़ा उन खाद्य पदार्थों का है जो केवल उत्पादन से लेकर उपभोक्ताओं तक पहुंचने के दौरान बर्बाद होते हैं।
उपभोक्ताओं की भूमिका
एक सर्वेक्षण में पाया गया कि भारत में 50 प्रतिशत से ज्यादा उपभोक्ता, खासकर शहरी क्षेत्रों में, खाद्य उत्पादों की समाप्ति तिथि को लेकर अनजान होते हैं और अक्सर वे ऐसे उत्पादों को फेंक देते हैं। उपभोक्ताओं को अधिक जागरूक करने के लिए शिक्षा और संवेदनशीलता अभियान आवश्यक हैं।
आपकी व्यापारिक यात्रा कैसे शुरू हुई?
किराना किंग ब्रांड राजस्थान में सन् 2014 से है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ अनूप कुमार खंडेलवाल हैं। एक दशक से किराना किंग व्यापारिक वर्ग और ग्राहकों के मध्य एक विश्वसनीय और लोकप्रिय ब्रांड के रूप में विद्यमान हैं। कंपनी ने ऑफलाइन खुदरा रिटेलर एग्रीगेशन तथा एम्पावरमेंट के क्षेत्र में भी व्यापक कार्य किया है। किराना किंग ब्रांड के अंतर्गत 60+ पैकेज्ड स्टेपल्स प्रोडक्ट्स और 150+ स्टॉक कीपिंग यूनिट्स हैं और इस प्रोडक्ट रेंज को कंपनी अपने वितरण विपणन तंत्र के जरिये राजस्थान राज्य में व्यापार कर रही है। क्वालिटी प्रोडक्ट्स, कॉम्पिटिटिव प्राइस तथा कनविनिएंट अवेलेबिलिटी (क्यूसीसी), किराना किंग का मुख्य मंत्र है। हजारों डीलर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स तथा रिटेलर्स के जरिये किराना किंग के गुणवत्तापूर्ण स्टेपल्स प्रोडक्ट्स रेंज ग्राहकों तक पहुंच रही हैं। कंपनी शीघ्र ही भारत के अन्य राज्यों में भी अपना व्यापार विस्तार करेगी।
कोविड के बाद बाजार में आया बदलाव
कोविड महामारी के बाद उपभोक्ताओं की आदतों में एक बड़ा बदलाव आया है, जिसमें पैकेज्ड खाद्य प्रोडक्ट्स की खपत में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है। लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में ज्यादा समय बिता रहे थे। इस कारण तैयार खाद्य सामग्री और पैकेज्ड उत्पादों का सेवन बढ़ा दिया। इसके अलावा, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के चलते लोग अब पैकेज्ड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। इस बदलते उपभोक्ता व्यवहार से नए उत्पादों और वैरायटी की मांग में इजाफा हुआ है।
फूड मार्केट में पैकिंग की भूमिका
पैकेज्ड खाद्य क्षेत्र में पैकेजिंग सामग्री का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि यह खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सही पैकेजिंग न केवल खाद्य पदार्थों को बाहरी प्रदूषण, नमी और हवा से बचाती है, बल्कि उनके पोषक तत्वों और ताजगी को भी बरकरार रखती है। इसके अलावा, आकर्षक पैकेजिंग उपभोक्ताओं का ध्यान आकर्षित करती है। ब्रांड की पहचान को मजबूत करती है।
खाद्य अपव्यय बड़ी समस्या, जरूरी कदम उठाने होंगे
बाजारों में पैक्ड फूड उत्पादों की खपत में भारी वृद्धि के साथ, उत्पादों की समाप्ति के कारण खाद्य अपव्यय एक गंभीर समस्या है। इसे कम करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। सबसे पहले, उत्पादों की पैकेजिंग पर स्पष्ट और सटीक ‘उपयोग करने की तारीख’ (एक्सपायरी डेट) और ‘उपयोग से पहले का समय’ (यूज बाई डेट) को प्रमुख रूप से अंकित किया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ता यह आसानी से देख सकें और समय रहते उत्पादों का उपयोग कर सकें।
व्यापक जागरूकता अभियान की जरूरत
सरकार को खाद्य पदार्थों की अवधि समाप्ति के कारण होने वाले अपव्यय को रोकने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। इसके तहत, उपभोक्ताओं को समाप्ति तिथि, खाद्य सुरक्षा और उचित भंडारण के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सकता है। सरकार स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों में कार्यशालाओं और सेमिनार का आयोजन कर सकती है, जिससे लोग सही खाद्य प्रथाओं को अपनाएं और अपव्यय को कम करे।
खाद्य कंपनियों व सरकार हो एकजुट
खाद्य उत्पादों की अवधि समाप्ति तिथि के कारण होने वाला खाद्य अपव्यय एक बड़ी समस्या बन चुकी है, जिसे सरकार और खाद्य ब्रांड्स को मिलकर समाधान करना चाहिए। इस मुद्दे का प्रभावी रूप से समाधान निकालने के लिए, सरकार और खाद्य कंपनियों को एकजुट होकर काम करना होगा। सरकार को नीतिगत स्तर पर ऐसे कदम उठाने चाहिए, जो ब्रांड्स को प्रोत्साहित करें कि वे उत्पादों की समाप्ति तिथि के पास पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों का वितरण खाद्य बैंकों और चैरिटी संस्थाओं के माध्यम से करें।
छोटे व क्षेत्रीय ब्रांड्स को भी जोड़ा जाए
जब बड़े ब्रांड्स इस दिशा में पहल करेंगे तो छोटे और क्षेत्रीय ब्रांड्स के लिए यह एक उदाहरण बनेगा और वे भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। छोटे ब्रांड्स को सरकार सस्ती तकनीक, पैकेजिंग विकल्प और समर्थन प्रदान कर सकती है।
सरकार लागू करे सख्त नियम
खाद्य उत्पादों के अपव्यय को कम करने के लिए सरकार को पैकेजिंग पर ‘उपयोग करने की तिथि’ और ‘समाप्ति तिथि’ को अनिवार्य रूप से अंकित करने का नियम लागू करना चाहिए। यह कदम उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी देगा कि किसी उत्पाद को कब तक उपयोग किया जा सकता है। वर्तमान में, कई उत्पादों पर इन तिथियों का सही तरीके से उल्लेख नहीं किया जाता।
पैकेजिंग सामग्री निर्माता हों पाबंद
सरकार को पैकेजिंग सामग्री निर्माताओं को जागरूक करना चाहिए कि वे खाद्य उत्पादों के लिए पैकेजिंग फिल्मों और सामग्री का उत्पादन केवल आवश्यक और उपयुक्त माइक्रोन में करें। अधिक मोटी या अत्यधिक सख्त पैकेजिंग सामग्री का उपयोग खाद्य उत्पादों के लिए अनावश्यक रूप से महंगा बना देता है। साथ ही सरकार को निर्माताओं को इस बात के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए कि वे खाद्य उत्पादों के लिए उपयुक्त व कुशल पैकेजिंग समाधान तैयार करें।
किराना किंग की अब तक की यात्रा शानदार रही
किराना किंग, एक पैकेज्ड स्टेपल्स प्रोडक्ट ब्रांड के रूप में, अब तक एक प्रभावशाली यात्रा तय कर चुका है। शुरुआत में, यह ब्रांड छोटे और स्थानीय किराना स्टोर्स के लिए किफायती और विश्वसनीय पैक्ड खाद्य उत्पादों की पेशकश करता था। समय के साथ, इसने अपनी पहचान एक बड़े ब्रांड के रूप में स्थापित की है। किराना किंग ने अपने उत्पादों की गुणवत्ता, उचित मूल्य और भरोसेे पर जोर देकर उपभोक्ताओं का विश्वास जीता है। किराना किंग ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में तेजी से विस्तार किया है। ब्रांड ने भारतीय बाजार में अपनी पैठ बनाने के लिए वितरण नेटवर्क को मजबूत किया है, और छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी अपने उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की है। कुल मिलाकर, किराना किंग की यात्रा एक क्षेत्रीय से ब्रांड से लेकर एक प्रमुख पैकेज्ड स्टेपल्स प्रोडक्ट ब्रांड बनने तक की रही है, जो उपभोक्ताओं को गुणवत्ता, सुगम उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी मूल्य पर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

