बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। निर्यातकों के शीर्ष निकाय फियो ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना की मंजूरी से विशेषकर विनिर्माण और निर्यात में लगे छोटे उद्यमों के लिए वित्तीय पहुंच बेहतर होगी। साथ ही इससे उत्पादन प्रक्रिया को आधुनिक बनाने तथा उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में की गई घोषणा के अनुरूप बुधवार को एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक नई कर्ज गारंटी योजना शुरू की। इस योजना में 100 करोड़ रुपये तक के कर्ज को शामिल किया गया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए शुरू म्यूचुअल क्रेडिट
गारंटी योजना (एमसीजीएस-एमएसएमई) का उद्देश्य उपकरणों की खरीद के लिए पात्र उद्यमों को स्वीकृत 100 करोड़ रुपये तक की ऋण-सुविधा देने के लिए पात्र वित्तीय संस्थानों को राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) से 60 प्रतिशत गारंटी कवरेज देना है। फियो के अध्यक्ष अश्विनी कुमार ने बयान में कहा, ‘‘कर्ज प्रवाह में वृद्धि करने और एमएसएमई की उत्पादन प्रक्रिया को आधुनिक बनाने तथा उत्पादन बढ़ाने के लिहाज से म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना की मंजूरी, मील का पत्थर है। इससे हमारे सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों, विशेषकर विनिर्माण और निर्यात में लगे उद्यमों की वित्तीय पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।’’

