- अगर राजस्थान के कर्मचारी तो होगी कंपनियों की बल्ले-बल्ले
- प्रदेश के लोगों के लिए वित्तीय भार को सहन करेगी राजस्थान सरकार
बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। प्रदेश के उद्योगों में राजस्थान के लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले। इसके लिए सरकार ने पहल की है। अब उद्योगों में काम करने वाले प्रदेश के लोगों को ईएसआई- ईपीएफ (एंप्लॉयी प्रोविडेंट फंड) का वित्तीय भार अब राजस्थान सरकार स्वयं वहन करेगी। हाल ही में वित्त मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने विधानसभा में घोषणा की थी कि जिन उद्योगों में 50 प्रतिशत कार्मिक राजस्थान के हैं। उनके कुल ईपीएफ और ईएसआई का 50 प्रतिशत अनुदान राजस्थान सरकार देगी। वहीं 75 प्रतिशत कर्मचारी राजस्थान के हैं तो 75 प्रतिशत ईपीएफ और ईएसआई अनुदान सरकार जमा करेगी। राठौड़ ने कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के ज्यादा अवसर मिलेंगे और उद्योगों पर भी भार नहीं पड़ेगा। सरकार की इस योजना का लाभ राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम के तहत उद्योगों को दिया जाएगा। प्रदेश के औद्योगिक संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
रिप्स-2024 के तहत उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की इस घोषणा से राजस्थान के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के ज्यादा अवसर मिलेंगे। राज्य की भजनलाल सरकार की इस पहल के दूरगामी सकारात्मक परिणाम राजस्थान के युवाओं के लिए औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार सृजन की नई संभावनाओं के तौर पर नजर आएंगे।
— सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, फोर्टी
ईपीएफ और ईएसआई में सरकार के अनुदान से संगठित क्षेत्र का दायरा बढ़ेगा और युवाओं को ईपीएफ और ईएसआई के लाभ मिल सकेंगे। सरकार के इस कदम से प्रदेश के युवाओं को ज्यादा रोजगार सृजित होंगे।
— एनके जैन, अध्यक्ष, एंप्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान

अब उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआइ में सरकार के अनुदान से उद्योगों पर भार कम होगा। इससे इकाइयां ज्यादा कर्मचारियों का नियुक्ति दे सकेंगी।
— जगदीश सोमानी, अध्यक्ष, विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र, जयपुर

