नई दिल्ली,
Tesla और SpaceX के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Elon Musk ने सोमवार को कहा कि उनका लक्ष्य अगले 10 वर्षों से कम समय में चंद्रमा पर एक ऐसा शहर बसाना है, जो स्वयं विकसित हो सके। इसके बाद लगभग 20 वर्षों में मंगल ग्रह पर मानव उपस्थिति स्थापित करने की योजना है। दुनिया के सबसे धनी उद्योगपति के अनुसार, SpaceX ने अब अपने प्रयासों का मुख्य केंद्र चंद्रमा पर आत्मनिर्भर शहर के निर्माण पर कर दिया है। उनका कहना है कि चंद्रमा पर यह लक्ष्य 10 वर्षों से कम समय में हासिल किया जा सकता है, जबकि मंगल ग्रह पर ऐसा करने में 20 से अधिक वर्ष लग सकते हैं।
Elon Musk ने अपने सामाजिक मंच X पर लिखे संदेश में कहा कि SpaceX का मूल उद्देश्य वही है, मानव चेतना और जीवन को तारों तक विस्तारित करना। उन्होंने बताया कि मंगल ग्रह पर यात्रा केवल तब संभव होती है जब पृथ्वी और मंगल की कक्षाएं हर 26 महीनों में एक विशेष स्थिति में आती हैं, जिसमें लगभग 6 महीने का यात्रा समय लगता है। इसके विपरीत, चंद्रमा के लिए हर 10 दिन में प्रक्षेपण संभव है और वहां पहुंचने में केवल 2 दिन का समय लगता है। इसी कारण चंद्रमा पर शहर के निर्माण की प्रक्रिया अधिक तेजी से आगे बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, SpaceX मंगल ग्रह पर भी शहर बसाने का प्रयास जारी रखेगा और अगले 5 से 7 वर्षों में इसकी शुरुआत करने की योजना है। फिर भी, Musk ने स्पष्ट किया कि मानव सभ्यता के भविष्य को सुरक्षित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दृष्टि से चंद्रमा अधिक व्यावहारिक और त्वरित विकल्प है।
पिछले वर्ष सितंबर में Elon Musk ने कहा था कि Starship का पहला मानव रहित मिशन अगले 2 वर्षों में मंगल ग्रह के लिए प्रक्षेपित किया जाएगा, जब पृथ्वी और मंगल के बीच अगला प्रक्षेपण अवसर उपलब्ध होगा। Starship को विश्व का सबसे शक्तिशाली रॉकेट माना जाता है और इसका उपयोग पहले चंद्रमा तथा बाद में मंगल ग्रह पर मानव भेजने के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक Starship मिशन मानव रहित होंगे, ताकि मंगल की सतह पर सुरक्षित उतरने की विश्वसनीयता की जांच की जा सके। यदि ये परीक्षण सफल रहते हैं, तो लगभग 4 वर्षों में पहला मानवयुक्त मिशन भेजा जाएगा। इसके बाद उड़ानों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी और लगभग 20 वर्षों में एक आत्मनिर्भर शहर बसाने का लक्ष्य रखा गया है।

