कपड़ा क्षेत्र सहित विभिन्न उद्योगों के रसायनों और पॉलिमर पर से पिछले दिनों १४ क्यूसीओ रद्द करने से इन्हें काफी फायदा होने की उम्मीद है। पॉलिएस्टर फाइबर और धागे पर गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों को रद्द करना एक बड़ी राहत की बात है, क्योंकि यह सभी उपयोगकर्ता उद्योगों की काफी समय से मांग चल रही थी। पॉलिएस्टर फाइबर और पॉलिएस्टर धागा अधिकांश मानव निर्मित फाइबर उत्पादों का निर्माण करते हैं और इसलिए यह कदम भारत में एमएमएफ खंड के विकास में योगदान देगा। मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) वस्त्र में उपयोग किए जाने वाले उत्पादों से संबंधित इन क्यूसीओ में टेरेफ्थेलिक एसिड, एथिलीन ग्लाइकॉल, पॉलिएस्टर स्पन, ग्रे और व्हाइट यार्न, पॉलिएस्टर इंडस्ट्रियल यार्न और पॉलिएस्टर स्टेपल फाइबर शामिल हैं। बाकी सात क्यूसीओ वाहन सहित अन्य उद्योगों से संबंधित हैं। इनमें एक्रिलोनिट्राइल ब्यूटाडीन स्टाइरीन, मोल्डिंग और एक्सट्रूजन के लिए पॉलीइथाइलीन सामग्री, पॉलीप्रोपाइलीन सामग्री और पॉलीविनाइल क्लोराइड (पीवीसी) होमोपॉलिमर शामिल हैं। इससे इन उद्योगों के लागत में कमी और निर्यात में भी बढ़ोतरी हो सकेगी। इसके अलावा कच्चे माल की उपलब्धता भी आसानी से हो सकेगी। छोटे और मझौले उद्योगों को भी इससे काफी राहत मिल सकेगी। क्यूसीओ रद्द करने से कपड़ा क्षेत्र के अलावा वाहन सहित अन्य उद्योगों को भी लाभ होगा, क्योंकि सात अन्य क्यूसीओ को भी रद्द किया गया है। यह कदम घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देगा और उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी मूल्य पर कच्चा माल खरीदने की सुविधा देगा। यह किया गया फैसला भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक कदम है, जो कच्चे माल की उपलब्धता में सुधार, उत्पादन लागत को कम करने और भारत के निर्यात को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

