विश्वभर में पर्यावरण प्रदूषण की समस्या विकट रूप लेती जा रही है। इससे स्वास्थ्य पर भी विपरित प्रभाव पड़ता जा रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्व पर्यावरणीय स्वास्थ्य दिवस आज मनाया जाएगा। इस दिन की महत्ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, औद्योगीकरण, शहरीकरण, वैश्वीकरण और खराब स्वच्छता के कारण मानव स्वास्थ्य के लिए जारी खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इसके की मानव स्वास्थ्य को पर्यावरणीय खतरों से बचाया जा सके। इस वर्ष की थीम स्वच्छ वायु, स्वस्थ लोग है, जो स्वच्छ हवा के महत्व पर जोर देती है। विश्व पर्यावरणीय स्वास्थ्य दिवस की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय स्वास्थ्य महासंघ की परिषद द्वारा की गई थी। जो एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसकी स्थापना 1986 में लंदन, इंग्लैंड में हुई थी। इसका उद्देश्य लोगों के बीच पर्यावरणीय स्वास्थ्य के बारे में ज्ञान का प्रसार करना और पृथ्वी की पर्यावरणीय स्थिति में सुधार के लिए देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। वहीं वर्ष, 2011 में परिषद ने इंडोनेशिया में अपनी बैठक में घोषणा की कि 26 सितंबर, 2011 को विश्व पर्यावरणीय स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जो दुनिया भर में पर्यावरणीय स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है। सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों और स्थानीय स्वास्थ्य विभागों को पर्यावरण को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत समर्थन प्रदान करने के लिए प्रेरित करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।

