भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इसी वर्ष 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से सेमीकंडक्टर चिप्स को लेकर एक बड़ा ऐलान किया गया था। संभवतय: यह घोषणा इस वर्ष के आखिर तक मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप्स के रूप में साकार हो जाएगी। सेमीकंडक्टर पर मिशन मोड में तेजी से काम चल रहा है। पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर मुहिम के तहत देश में सेमीकंडक्टर चिप बनाने की रूपरेखा बहुत समय पहले तैयार कर ली थी। इसके लिए वर्ष, 2021 में भारत सेमीकंडक्टर मिशन शुरू किया गया। इस मिशन के तहत गुजरात, ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स खोली गईं हैं। सेमीकंडक्टर चिप क्रांति होने से भारत आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था, रक्षा, रोजगार और मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में दुनिया में आत्मनिर्भर और बड़ी ताकत बन कर उभरेगा। इससे आम लोगों को इलेक्ट्रोनिक व ऑटोमोबाइल उत्पाद सस्ते मिलेंगे। वहीं मेडिकल सुविधाओं में भी फायदा मिलेगा। इसके अलावा रोजगार और निवेश की भी बड़ी संभावनाएं बढ़ेंगी। जहां दुनिया में किसी देश की ताकत कुछ समय पहले उसके पास मौजूद परमाणु बम और हथियारों से चलती थी। उसके बाद व्यापार और प्रोडक्ट्स ने जगह ली, फिर तेल बनाने वाले देशों को दौर आया। पर अब दुनिया में जो दौड़ चल रही है वो एक छोटी-सी चिप को लेकर है। दरअसल यह देखने में मामूली चिप लगती है, लेकिन यह अपने दम पर दुनिया को चलाती है। जो देश इस सेमीकंडक्टर चिप के बाजार को अपने काबू में कर लेगा,आने वाले समय में उसी देश का राज होगा।

