बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। जयपुर आधारित कंपनी -डीजीएस ट्रांसलॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड जो कि पूरे भारत वर्ष में कार्य करती है और नार्थ इंडिया की एक लीडिंग कंपनी है। यह कंपनी अपना आईपीओ लाने जा रही है । कंपनी के फाउंडर सौरभ खंडेलवाल को प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी द्वारा ‘बेस्ट एंप्लॉयर’ का अवार्ड प्रदान किया गया। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग से ग्रेजुएशन किया है और मार्केटिंग एंड फाइनेंस में मास्टर डिग्री हासिल की है। शुरू से उनके मन में कारोबार करने की इच्छा प्रबल थी। उनको पहले तीन कारोबारों में सफलता नहीं मिली, लेकिन चौथी बार सप्लाई चैन के कारोबार में उन्हें आशातीत सफलता मिली और फिर उन्होंने पीछे मुडक़र नहीं देखा।
वर्ष 2002 में ‘डीजीएस ट्रांसलॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ की स्थापना हुई थी। वर्तमान में कंपनी वेयरहाउसिंग के बिजनेस में कार्यरत है और 90 वेयरहाउसों का संचालन करती है। कंपनी के पास 15 लाख वर्ग फीट वेयरहाउस स्पेस उपलब्ध है। 1000 से अधिक लोगों की दक्ष टीम सप्लाई चैन का काम प्रभावी रूप से संभालती है।
कंपनी समस्त इंडस्ट्रीज मेें अपनी सेवायें प्रदान कर रही है। कंपनी के पोर्टफोलियो में 30 से अधिक एमएनसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी ने डीजीएस में टेक्नोलॉजी को काफी महत्व दिया है। कंपनी ऑटोमेशन, प्री अलर्ट, व्हीकल ट्रैकिंग, क्यूआर कोड वेरीफिकेशन एंड लोकेशन फाइंडर जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी के माध्यम से सप्लाई चैन सर्विसेज को ग्राहकों के लिए प्रभावी बनाने में सक्षम हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में देश के लॉजिस्टिक्स कारोबार का आकार तकरीबन 317 बिलियन अमरीकी डॉलर है। इसके 2029 तक 500 बिलियन डॉलर होने की संभावना है। हाल ही में राजस्थान सरकार द्वारा वेयरहाउसिंग को इंडस्ट्री का दर्जा दिया गया है। नियमित रूप से देश में राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य सडक़ मार्गों का तेज गति से विकास हो रहा है। देश में रेलवे लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित हो रहे हैं। लॉजिस्टिक्स सेक्टर में रीजनल प्लेयर्स का दबदबा अधिक है और कंपनी ‘डीजीएस ट्रांसलॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ राष्ट्रीय स्तर की सप्लाई चैन लॉजिस्टिक कंपनी बनाने का विजन रखते हैं। कंपनी प्रबंधन के अनुसार कंपनी की योजना देश के 10 से 12 प्रमुख स्थानों पर लॉजिस्टिक पार्क स्थापित करने की है। कंपनी का हेड ऑफिस और कॉरपोरेट ऑफिस जयपुर में है।
कंपनी वित्तीय वर्ष 2026-2027 में प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की योजना बना रही है। यह निर्णय कंपनी की दीर्घकालिक रणनीतिक विकास योजना का हिस्सा है। डीजीएस के इस कदम का उद्देश्य नए पूंजी स्रोतों तक पहुंच बनाना, अपने बाजार में स्थिति को और मजबूत करना तथा नवाचार, अनुसंधान एवं विकास और वैश्विक विस्तार में निवेश को तेज करना है। कंपनी ने आईपीओ प्रक्रिया के लिए प्रमुख वित्तीय और कानूनी सलाहकारों को नियुक्त करने पर कार्य शुरू कर दिया है जो नियामकीय अनुपालन, संचालन और कॉरपोरेट गवर्नेंस में सहायता करेंगे।

