New Delhi | वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा Strait of Hormuz को खोलने की तय समय सीमा के कारण बाजार में अस्थिरता बढ़ी, जिससे कीमतें 3 प्रतिशत से अधिक चढ़ गईं। ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कीमत में 1.69 प्रतिशत यानी 1.86 डॉलर की बढ़त के साथ 111.63 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया, जो दिन का उच्चतम स्तर रहा। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल वायदा 3 प्रतिशत से अधिक यानी 4.15 डॉलर बढ़कर 116.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अगर पिछले कुछ समय का रुझान देखें, तो 27 फरवरी को 72.48 डॉलर प्रति बैरल से शुरू होकर 9 मार्च तक ब्रेंट कच्चा तेल 119.50 डॉलर तक पहुंच चुका है, यानी इसमें 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी से बढ़ी चिंता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पर ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने Strait of Hormuz को दोबारा खोलने के लिए मंगलवार रात तक की समय सीमा दी है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान इस समय सीमा का पालन नहीं करता, तो तेहरान पर गंभीर सैन्य कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपने बयान में कहा कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के बुनियादी ढांचे जैसे पुल और बिजली संयंत्र पूरी तरह नष्ट कर दिए जाएंगे। इस आक्रामक रुख ने वैश्विक बाजारों में चिंता और अनिश्चितता को बढ़ा दिया है। दूसरी ओर, ईरान ने युद्धविराम प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है और संघर्ष जारी रखने का संकेत दिया है। इससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। Strait of Hormuz, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है, 28 फरवरी से प्रभावित बना हुआ है। इस कारण इस वर्ष अब तक कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 90 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है और औसत कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है।
Stock market update: वैश्विक और भारतीय बाजारों में मिला-जुला रुख
stock market update के अनुसार, वैश्विक शेयर बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। भारतीय बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जहां Sensex और Nifty दोनों में लगभग 1 प्रतिशत तक की कमजोरी रही। वहीं अमेरिका के शेयर बाजार में हल्की बढ़त के साथ कारोबार बंद हुआ, जबकि एशियाई बाजारों में उतार-चढ़ाव का माहौल रहा।



