Wednesday, May 20, 2026 |
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मध्य पूर्व तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल

ब्रेंट 100 डॉलर के करीब पहुंचा

by Business Remedies
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The sharp rise in international crude oil prices and the impact of Middle East tensions

मुंबई,

मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है और इसी के चलते गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण कारोबारियों में बेचैनी बनी हुई है, जिससे कच्चे तेल के दाम लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं।

यह तेजी उस समय भी जारी रही जब अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने आपातकालीन तेल भंडार से बड़े पैमाने पर तेल जारी करने की घोषणा की। इसके बावजूद बाजार में यह आशंका बनी रही कि यदि मध्य पूर्व क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ता है तो वैश्विक आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय मानक कच्चे तेल की कीमतों में एक ही दिन में 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल लगभग 8.8 प्रतिशत बढ़कर करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 8.9 प्रतिशत बढ़कर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति से जुड़े मार्ग प्रभावित होते हैं तो वैश्विक बाजार में आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बिगड़ सकता है। इसी आशंका के कारण तेल कारोबारियों ने बड़ी मात्रा में खरीदारी की, जिससे कीमतों में तेजी और बढ़ गई। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने घोषणा की थी कि उसके 32 सदस्य देश मिलकर अपने रणनीतिक भंडार से कुल 40 करोड़ बैरल कच्चा तेल बाजार में जारी करेंगे। यह कदम वर्ष 1973 के तेल संकट के बाद से अब तक का सबसे बड़ा समन्वित प्रयास माना जा रहा है।

इसके अलावा अमेरिका के ऊर्जा विभाग ने भी घोषणा की कि वह अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से 17 करोड़ 20 लाख बैरल तेल जारी करेगा। अमेरिका के ऊर्जा सचिव क्रिस राइट के अनुसार, इन तेल आपूर्तियों की शुरुआत अगले सप्ताह से हो सकती है और पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग 120 दिन लग सकते हैं। हालांकि इन सभी प्रयासों के बावजूद तेल बाजार में तेजी बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले वैश्विक तेल परिवहन पर यदि किसी प्रकार की बाधा आती है तो आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। उधर बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों का असर भारत के शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। गुरुवार को stock market update के दौरान भारतीय बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुले। निवेशकों में महंगाई बढ़ने की आशंका और वैश्विक आर्थिक दबाव को लेकर चिंता देखी गई। एशियाई बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्टों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य और इराकी जल क्षेत्र में जहाजों पर हमलों की खबरों से तेल की कीमतें और बढ़ गईं। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका तेज हुई है और उधारी की लागत बढ़ने का दबाव भी सामने आ सकता है।



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