- किसानों को हुई 1.6 लाख करोड़ रुपए से अधिक की अतिरिक्त आय
- देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़कर 288.58 गीगावाट पहुंची
नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा है कि बायोफ्यूल मिशन, Green Hydrogen Mission और समुद्र मंथन जैसी पहलें भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि बायोफ्यूल किसानों की आय बढ़ाने, आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार के अनुसार, एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में लगातार बढ़ोतरी से देश ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत स्थिति की ओर बढ़ रहा है।
बायोफ्यूल से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल
केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा कि बायोफ्यूल मिशन, Green Hydrogen Mission और समुद्र मंथन जैसी परिवर्तनकारी पहलें भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता के नए युग की ओर ले जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बायोफ्यूल भारत के टिकाऊ ऊर्जा भविष्य की मजबूत नींव है। इससे किसानों को लाभ मिलेगा, आयातित ईंधन पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले पांच वर्षों में घरेलू ऊर्जा उत्पादन, नई प्रौद्योगिकियों और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के बल पर भारत वैश्विक ऊर्जा महाशक्ति के रूप में और अधिक मजबूत होकर उभरेगा।
एथेनॉल मिश्रण से विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014-15 से मई 2026 तक पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के माध्यम से 310 लाख मीट्रिक टन आयातित कच्चे तेल के स्थान पर एथेनॉल का उपयोग किया गया। इससे देश ने विदेशी मुद्रा में 1.90 लाख करोड़ रुपए से अधिक की बचत की। इसी अवधि में किसानों को 1.6 लाख करोड़ रुपए से अधिक की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई, जबकि 930 लाख मीट्रिक टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई।
कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने पर जोर
सरकार के अनुसार, भारत अपनी कुल कच्चे तेल की खपत का लगभग 88.5 प्रतिशत आयात करता है। इसी कारण एथेनॉल मिश्रण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। विदेशों से आयातित कच्चे तेल पर अधिक निर्भरता भारत को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति संबंधी जोखिमों के प्रति संवेदनशील बनाती है। वहीं, देश में गन्ने, मक्का और चावल से तैयार होने वाला एथेनॉल घरेलू संसाधनों के माध्यम से इस निर्भरता को कम करने का प्रभावी विकल्प बनकर उभर रहा है।
नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में चार गुना वृद्धि
सरकार द्वारा संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, 30 जून 2026 तक भारत की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 2014 के 76.38 गीगावाट से बढ़कर 288.58 गीगावाट हो गई है। देश की कुल गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित विद्युत क्षमता 297.36 गीगावाट तक पहुंच चुकी है, जिसमें 288.58 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा और 8.78 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता शामिल है।
सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा योगदान
देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में सबसे अधिक योगदान सौर ऊर्जा का है, जिसकी स्थापित क्षमता 162.15 गीगावाट है। इसके बाद पवन ऊर्जा 57.44 गीगावाट और जलविद्युत 57.24 गीगावाट के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। वहीं, बायो पावर की स्थापित क्षमता 11.75 गीगावाट है। नई और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री Shripad Yesso Naik ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में इन आंकड़ों की जानकारी दी।

