बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई Baroda BNP Pariba एसेट मैनेजमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (‘Baroda BNP Paribas एएमसी’) ने अपना न्यू फंड ऑफर (NFO) बड़ौदा बीएनपी पारिबा हेल्थ एंड वेलनेस फंड लॉन्च किया है। यह फंड 9 जून, 2025 को खुलेगा और 23 जून, 2025 को बंद होगा। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो उन कंपनियों पर फोकस करेगी, जिन्हें भारत और दुनिया भर में हेल्थ सर्विसेज और वेलनेस की बढ़ती मांग से फायदा होने की उम्मीद है। यह एक उभरता हुआ मेगाट्रेंड है। यह फंड हेल्थकेयर एंड वेलनेस सेक्टर में कई दशकों से चली आ रही स्ट्रक्चरल ग्रोथ का फायदा उठाना चाहता है। अभी भारत में प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य पर खर्च विकसित देशों के मुकाबले काफी कम है, लेकिन उम्मीद है कि यह तेजी से बढ़ेगा। इसके कई कारण हैं, जैसे लोगों की खरीदने की क्षमता बढऩा, जागरूकता बढऩा, जीवन प्रत्याशा में सुधार और पुरानी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी।
Baroda BNP Pariba एएमसी के सीईओ, सुरेश सोनी ने कहा कि पिछली शताब्दी में, भारत में लोगों की औसत उम्र 3 गुना से अधिक बढ़ गई है। बचपन से लेकर बुजुर्ग अवस्था तक, जीवन के हर फेज में व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए लगातार खर्च की आवश्यकता होती है। भारत में प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य खर्च का स्तर अभी बहुत कम है, इसलिए हमें यह सेक्टर दशकों तक निवेश के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता दिख रहा है, जिसमें अच्छे मुनाफे की उम्मीद है। भारत में गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इस दशक में हृदय रोग, डायबिटीज और कैंसर के मामले लगभग 34-41% तक बढ़ सकते हैं। यह गंभीर स्थिति एक मजबूत रोकथाम और इलाज आधारित स्वास्थ्य प्रणाली की जरूरत को दर्शाती है, जो निवेश के लिए बड़े अवसर प्रदान करती है।
Baroda BNP Pariba एएमसी के सीआईओ- इक्विटी, संजय चावला ने कहा कि भारत फार्मा, डायग्नोस्टिक्स, मेडटेक, अस्पताल, इंश्योरेंस और हेल्थकेयर रिसर्च जैसे क्षेत्रों में 100 से अधिक निवेश के लायक कंपनियों के साथ 200 बिलियन डॉलर का बाजार अवसर प्रदान करता है।
भारतीय फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री की वैश्विक उपलब्धियां : अफ्रीका की 50 प्रतिशत जेनेरिक दवाओं की जरूरत पूरी करता है।
अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली 40 प्रतिशत जेनेरिक दवाएं भारत से आती हैं।
यूके में उपयोग होने वाली 25 प्रतिशत दवाएं भारत की होती हैं।
भारत के पास वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा यूएसएफडीए से स्वीकृत दवाओं का हिस्सा है।
बीएसई हेल्थकेयर इंडेक्स ने पिछले 1, 3, 7 और 15 सालों में बीएसई 500 टीआरआई से लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। इसकी मुख्य वजह मजबूत अर्निंग ग्रोथ है। यह बढ़ोतरी सभी मार्केट कैप (लार्ज कैप, मिडकैप और स्मॉलकैप) वाली कंपनियों में देखी गई है।
सोर्स : एमएफआई एक्सप्लोरर, डेटा 30 अप्रैल, 2025 तक।
यह थीमेटिक फंड उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प है, जिनका निवेश का लक्ष्य 3 साल या उससे अधिक है। यह फंड निवेशकों को भारत में बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता और वेलनेस-फोकस्ड व्यवसायों के उभरते इकोसिस्टम का हिस्सा बनने का मौका देता है।

