अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगे भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं के बीच मंगलवार को सोना और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की धारणा प्रभावित होने से दोनों कीमती धातुओं में बिकवाली का दबाव बढ़ गया और कीमतों में 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त वायदा सोना ₹.1,46,776 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो पिछले बंद भाव ₹.1,48,188 की तुलना में ₹.1,412 या 0.95 प्रतिशत कम था। दोपहर लगभग 12 बजे सोना ₹.1,46,379 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। यह पिछले बंद भाव की तुलना में ₹.1,739 या 1.17 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। कारोबार के दौरान सोने ने ₹.1,47,090 का उच्च स्तर और ₹.1,46,070 का निचला स्तर छुआ। उच्च स्तर भी पिछले बंद भाव से ₹.1,098 या 0.74 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि निचला स्तर ₹.2,118 या 1.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ दर्ज किया गया।
वहीं जुलाई वायदा चांदी में सोने की तुलना में अधिक कमजोरी देखने को मिली। चांदी ₹.2,27,676 प्रति किलोग्राम पर खुली, जो पिछले बंद भाव ₹.2,34,310 की तुलना में ₹.6,634 या 2.83 प्रतिशत कम थी। बाद में चांदी ₹.2,27,119 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी, जो ₹.7,191 या 3.07 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है। दिन के कारोबार में चांदी का निचला स्तर ₹.2,26,556 रहा, जहां यह ₹.7,754 या 3.30 प्रतिशत तक टूट गई। वहीं इसका उच्च स्तर ₹.2,28,800 दर्ज किया गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार एमसीएक्स पर सोना महत्वपूर्ण समर्थन स्तरों के ऊपर टिकने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उस पर अभी भी दबाव बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि सोने के लिए तत्काल समर्थन ₹.1,46,000 से ₹.1,45,600 के दायरे में है, जबकि प्रतिरोध ₹.1,48,000 से ₹.1,48,400 के बीच देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सोना प्रतिरोध क्षेत्र के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहता है तो इसमें तेजी का रुख बन सकता है और कीमतें ₹.1,49,000 से ₹.1,50,000 के स्तर तक पहुंच सकती हैं। चांदी के संबंध में विश्लेषकों का मानना है कि निकट अवधि में रुझान कमजोर बना हुआ है। कारोबार की शुरुआत में आई तेज गिरावट ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है।
चांदी के लिए तत्काल प्रतिरोध ₹.2,30,500 से ₹.2,31,600 के बीच माना जा रहा है। वहीं यदि कीमतें ₹.2,28,000 के समर्थन स्तर से नीचे फिसलती हैं तो यह ₹.2,26,000 और फिर ₹.2,24,000 तक पहुंच सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सुधार की संभावना बनाए रखने के लिए चांदी का ₹.2,30,000 के स्तर को पुनः हासिल करना आवश्यक होगा। विशेषज्ञों ने कीमती धातुओं में आई कमजोरी का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति को बताया है। उनका कहना है कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक आगे भी कड़े रुख को बनाए रख सकता है।
बाजार की नजर अब इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिका के रोजगार और बेरोजगारी आंकड़ों पर है। माना जा रहा है कि ये आंकड़े आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जिंस बाजार में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट कच्चा तेल 0.5 प्रतिशत गिरकर 77.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल 0.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73.60 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया।

