Sunday, June 28, 2026 |
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Sensex में 1,000 अंक से अधिक की गिरावट, Nifty 23,800 के नीचे फिसला, बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा

by Business Remedies
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Sensex and Nifty fall sharply amid heavy selling in metal, IT and banking stocks during Stock Market Update on June 23 2026.

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान भारी दबाव देखने को मिला। देर दोपहर तक बिकवाली तेज होने से Sensex और Nifty दोनों प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। धातु, सूचना प्रौद्योगिकी और बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में लगातार बिकवाली के कारण निवेशकों की धारणा कमजोर बनी रही। दोपहर 3:04 बजे तक Sensex 903.25 अंक यानी 1.17 प्रतिशत गिरकर 76,190.82 पर पहुंच गया। वहीं Nifty 284.65 अंक यानी 1.18 प्रतिशत टूटकर 23,818.25 पर कारोबार करता दिखाई दिया। कारोबार के अंतिम चरण में गिरावट और अधिक गहरी हो गई तथा Sensex में 1,000अंक से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई।

बाजार की चौड़ाई भी कमजोर बनी रही। कुल कारोबार किए गए शेयरों में 2,585शेयर गिरावट के साथ बंद होने की ओर बढ़े, जबकि केवल 1,323 शेयरों में बढ़त देखने को मिली। यह संकेत देता है कि बाजार में बिकवाली व्यापक स्तर पर रही और अधिकांश क्षेत्रों के शेयर दबाव में रहे। क्षेत्रीय प्रदर्शन की बात करें तो धातु क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा। इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक तथा उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों की सतर्कता का असर इन क्षेत्रों पर साफ दिखाई दिया।

दूसरी ओर औषधि क्षेत्र ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। बाजार में व्यापक कमजोरी के बावजूद कई औषधि कंपनियों के शेयर मजबूती के साथ कारोबार करते रहे। रक्षात्मक निवेश विकल्प के रूप में इस क्षेत्र में निवेशकों की रुचि बनी रही।

बाजार में अस्थिरता का प्रमुख संकेतक India VIX भी लगभग 8प्रतिशत उछल गया। India VIX में यह तेजी दर्शाती है कि निवेशकों के बीच निकट भविष्य को लेकर चिंता बढ़ी है और बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना अधिक हो गई है। आमतौर पर India VIX में बढ़ोतरी निवेशकों की सतर्कता और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संकेत कमजोर बने रहते हैं और प्रमुख क्षेत्रों में बिकवाली जारी रहती है, तो आने वाले सत्रों में भी बाजार पर दबाव बना रह सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजरें घरेलू आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक बाजारों की दिशा और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई हैं।



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