Sunday, June 28, 2026 |
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एशिया-प्रशांत क्षेत्र में नौकरी सुरक्षा भरोसे में भारत सबसे आगे, वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर

by Business Remedies
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Indian employees showing high job security confidence as India ranks first in APAC and third globally in ADP Research report.

भारत में नौकरी सुरक्षा को लेकर कर्मचारियों का भरोसा एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे अधिक है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 30 प्रतिशत भारतीय कर्मचारियों का मानना है कि उनकी नौकरी सुरक्षित है। इस प्रदर्शन के साथ भारत वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों में वह शीर्ष पर रहा।

रिपोर्ट में बताया गया कि पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में केवल 18 प्रतिशत कर्मचारियों ने अपनी नौकरी को सुरक्षित माना। क्षेत्र के किसी भी देश में अधिकांश कर्मचारियों ने दीर्घकालिक नौकरी सुरक्षा को लेकर मजबूत विश्वास नहीं जताया। वहीं वैश्विक स्तर पर केवल 22 प्रतिशत कर्मचारियों ने पूरी तरह सहमति जताई कि उनकी नौकरी समाप्त होने के खतरे से सुरक्षित है। रिपोर्ट के अनुसार, जो कर्मचारी अपनी नौकरी को सुरक्षित मानते हैं, उनके संगठन छोड़ने की संभावना काफी कम होती है। ऐसे कर्मचारी नौकरी बदलने की इच्छा न रखने की दोगुनी संभावना रखते हैं। इसके अलावा वे छह गुना अधिक सक्रिय और 3.3 गुना अधिक उत्पादक पाए गए।

हालांकि भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर है, लेकिन आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि रोजगार की स्थितियों में सुधार और कर्मचारियों की दीर्घकालिक स्थिरता को लेकर धारणा के बीच अभी भी उल्लेखनीय अंतर मौजूद है। एडीपी इंडिया एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रबंध निदेशक राहुल गोयल ने कहा कि वर्तमान समय में कर्मचारी केवल नौकरी बने रहने को लेकर चिंतित नहीं हैं, बल्कि वे अपनी भूमिका की भविष्य में उपयोगिता को लेकर भी सोच रहे हैं। तकनीक के तेजी से बदलते स्वरूप के कारण कई कर्मचारियों को यह चिंता है कि क्या उनकी वर्तमान जिम्मेदारियां आने वाले समय में भी प्रासंगिक रहेंगी।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए लगातार नए कौशल सीखने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए। वहीं नियोक्ताओं को भी यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि समय के साथ भूमिकाओं में किस प्रकार बदलाव हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्पष्ट संवाद और कौशल विकास में निरंतर निवेश से कर्मचारियों की रोजगार क्षमता मजबूत होगी, उत्पादकता बढ़ेगी तथा भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए कार्यबल अधिक सक्षम बन सकेगा।

भारत में नौकरी सुरक्षा को लेकर विश्वास विभिन्न प्रकार की नौकरियों में अलग-अलग देखा गया। ज्ञान आधारित कार्य करने वाले 37 प्रतिशत कर्मचारियों ने अपनी नौकरी को सुरक्षित बताया। यह आंकड़ा कौशल आधारित कार्य करने वाले कर्मचारियों के 18 प्रतिशत और दोहराव वाले कार्य करने वाले कर्मचारियों के 17 प्रतिशत के मुकाबले लगभग दोगुना है।

क्षेत्रीय स्तर पर देखा जाए तो वित्त और बीमा क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों ने नौकरी सुरक्षा को लेकर सबसे अधिक भरोसा जताया। दूसरी ओर आवास और खाद्य सेवा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों में नौकरी सुरक्षा को लेकर सबसे कम विश्वास दर्ज किया गया।



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