नई दिल्ली, 3 अक्टूबर । CRISIL की रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में बैंकों में डिपॉजिट ग्रोथ पर्याप्त रहने और क्रेडिट ग्रोथ 11-12 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। यह RBI द्वारा लिक्विडिटी बढ़ाने के उपायों के सकारात्मक असर को दर्शाता है।
📊 Key Highlights
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CASA Ratio में गिरावट और टर्म डिपॉजिट में घरेलू हिस्सेदारी में कमी से संरचनात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं।
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RBI ने अप्रैल 2025 से लिक्विडिटी बढ़ाई, जिससे कम लिक्विडिटी की स्थिति में सुधार हुआ।
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CRR में 100 बेसिस पॉइंट कटौती से सिस्टम में लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपए आए।
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Revamped Liquidity Coverage Ratio से और 1.9 लाख करोड़ रुपए की संभावित लिक्विडिटी मिल सकती है।
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घरेलू जमा का हिस्सा वित्त वर्ष 2020 के 67% से घटकर वित्त वर्ष 2025 में 52% रह गया।
🏦 Expert Comment
Subha Sri Narayanan (CRISIL): “कम लिक्विडिटी की अवधि में कुछ बैंकों में जमा तेजी से घट सकती है और फंडिंग लागत बढ़ सकती है। जैसे-जैसे वैकल्पिक निवेश लोकप्रिय होते हैं, घरेलू जमा का हिस्सा और कम होने की संभावना है।”
🔹 Other Observations
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Current deposits स्थिर, savings deposits घटे।
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बैंक संभावित जोखिमों को कम करने के लिए funding sources में diversification करेंगे।

