बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। गुजरात के अहमदाबाद आधारित ‘बाहेती रीसाइक्लिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ का नाम एल्युमीनियम रीसाइक्लिंग क्षेत्र में कार्यरत देश की सबसे प्रमुख कंपनियों में शुमार है। कंपनी द्वारा निरंतर अच्छा वित्तीय प्रदर्शन किया जा रहा है और निवेशकों को कंपनी में अच्छा फायदा मिल रहा है। कंपनी का शेयर निवेशक समुदाय के फोकस में है। इस लेख में कंपनी की कारोबारी गतिविधियां, कारोबारी विस्तार, इंडस्ट्री डायनामिक्स, वित्तीय प्रदर्शन, प्रवर्तकों का अनुभव और आईपीओ के मायने जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया है।
कारोबारी गतिविधियां
1994 में निगमित, ‘बाहेती रीसाइक्लिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ एल्युमीनियम रीसाइक्लिंग कंपनी हैं, जो मुख्य रूप से एल्युमीनियम आधारित धातु स्क्रैप को संसाधित करके सिल्लियों के रूप में एल्युमीनियम मिश्र धातु और क्यूब्स, सिल्लियों, शॉट्स और नॉच बार के रूप में एल्युमीनियम डी-ऑक्स मिश्र धातु का निर्माण करने में लगी हुई है। कंपनी ऑटो सहायक उद्योग, ऑटोमोबाइल उद्योग, विद्युत घटक, डाई-कास्टिंग उद्योग, इस्पात उद्योग, कंडक्टर आदि को सेवाएं प्रदान करती है। बाहेती विभिन्न उद्योगों की उभरती वैश्विक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिसमें संसाधनों के अधिकतम उपयोग और लगातार गुणवत्ता मानक बढ़ाने के लिए अभिनव तकनीकों का उपयोग करके एक ही स्थान पर निर्मित प्रीमियम गुणवत्ता वाले मिश्र धातु और फेरो मिश्र धातु शामिल हैं। कंपनी में 300 से अधिक योग्य कर्मचारी और श्रमिक काम कर रहे हैं। कंपनी को 150 से अधिक संतुष्ट ग्राहकों के साथ 25 से अधिक वर्षों का अनुभव है। मजबूत लॉजिस्टिक्स सप्लाई चैन, प्रतिस्पर्धी कीमतें, समय पर आपूर्ति, प्रभावी सेवाएं और विशेष रूप से ग्राहकों के लिए तैयार किए गए उत्पाद में दक्षता कंपनी की प्रमुख ताकतें हैं। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी की कुल क्षमता 29160 मेट्रिक टन दर्ज की गई और कंपनी ने 62.9 फीसदी क्षमता का इस्तेमाल किया है। कंपनी अमेरिका और यूरोप के देशों में उत्पाद निर्यात कर रही है।
कारोबारी विस्तार
कंपनी जिंक अलोय और अल्युमिनियम बिलट्स निर्माण में प्रवेश करने की योजना पर कार्य कर रही है। कंपनी की योजना दक्षिण भारत के बाजार में प्रवेश करने की है और इसके साथ ही कंपनी यूरोप के देशों हंगरी, तुर्की, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम में उत्पादों को निर्यात करने पर फोकस करेगी। कंपनी की वर्ष 2025 के साथ आने वाले 5 वर्षों में वॉल्यूम ग्रोथ में 15 से 20 फीसदी सीएजीआर हासिल करने का प्रयास करेगी।
इंडस्ट्री डायनामिक्स
भारतीय एल्युमीनियम बाजार का आकार 2023 में 11.28 बिलियन अमरीकी डॉलर था, और जिसके 2024 से 2030 तक 7.6 फीसदी की सीएजीआर के साथ 2030 तक 19.76 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। राष्ट्रीय निवेश उत्पादन और सुविधा एजेंसी के अनुसार, भारतीय सरकार ने सतत राष्ट्रीय विकास को प्राप्त करने के लिए 2019 और 2023 के बीच बुनियादी ढांचे में 1.4 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश किया। वित्त वर्ष 2021 में, भारत ने लगभग 1.08 मिलियन टन एल्यूमीनियम मिश्र धातु सिल्लियों का निर्यात किया और ये निर्यात चीन, जापान, ताइवान, मैक्सिको, कोरिया आदि देशों से प्रमुखता से हुए थे। साथ ही, इसी अवधि के दौरान, एल्यूमीनियम एक्सट्रूजऩ मुख्य रूप से संयुक्तराज्य अमेरिका, यूएई, कनाडा आदि को निर्यात किए गए थे। वैश्विक एल्युमीनियम बाजार का आकार 2023 में 229.85 बिलियन अमरीकी डॉलर आंका गया है और 6.2 फीसदी की सीएजीआर के साथ 2030 तक 403.29 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। उद्योग वैश्विक स्तर पर एल्युमीनियम की प्रति व्यक्ति खपत औसतन 11 किलोग्राम तक पहुंच गई है, जबकि भारत में यह काफी कम है, जो 2.5 से 2.8 किलोग्राम के बीच है। उक्ततथ्यों से स्पष्ट है कि देश में एल्युमिनियम कारोबार का भविष्य उज्जवल है और इस स्थिति का ‘बाहेती रीसाइक्लिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ को लंबी अवधि में बड़ा फायदा मिलेगा।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने वित्त वर्ष 2023 में अर्जित 359.96 करोड़ रुपए के मुकाबले 429.34 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। उक्त अवधि में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 5.28 करोड़ रुपए के मुकाबले 7.20 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 206.74 करोड़ रुपए के मुकाबले 257.19 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। उक्त अवधि में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 2.95 करोड़ रुपए के मुकाबले 7.02 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
प्रर्वतको का अनुभव
शंकरलाल बंसीलाल शाह कंपनी के अध्यक्ष और पूर्णकालिक निदेशक हैं। वे निगमन के समय से ही बोर्ड में हैं। वे एक दूरदर्शी उद्यमी हैं और उन्होंने कंपनी के व्यावसायिक संचालन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हें इस धातु उद्योग में 37 से अधिक वर्षों से अधिक का कार्य अनुभव है और उन्होंने एस.बी. कपाडय़िा स्कूल, अहमदाबाद से अपनी उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पूरी की है। वे वर्तमान में कंपनी के समग्र प्रबंधन और प्रशासन की देखभाल करते हैं। उनके मार्गदर्शन में कंपनी ने निरंतर विकास देखा है।
बालकिशन शंकरलाल शाह कंपनी के प्रबंध निदेशक हैं। उन्होंने 2008 में गुजरात विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक और 2010 में एस.पी. जैन प्रबंधन एवं शोध संस्थान, मुंबई से प्रबंधन (पारिवारिक प्रबंधित व्यवसाय) में स्नातकोत्तर कार्यक्रम पूरा किया है। उन्हें धातु उद्योग में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में विदेश में हैं और कंपनी के उत्पादन और खरीद कार्यों को नियंत्रित करते हैं।
यश शंकरभाई शाह कंपनी के संयुक्तप्रबंध निदेशक हैं। उन्होंने 2014 में अहमदाबाद विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक और 2016 में एसपी जैन स्कूल ऑफ ग्लोबल मैनेजमेंट से वैश्विक पारिवारिक प्रबंधित व्यवसाय में स्नातकोत्तर कार्यक्रम पूरा किया है।
आईपीओ के मायने
‘बाहेती रीसाइक्लिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ का आईपीओ नवंबर 2022 में आया था। तब कंपनी द्वारा 45 रुपए प्रति शेयर के भाव पर 27,60,000 शेयर जारी कर 12.42 करोड़ रुपए जुटाए थे। वर्तमान में कंपनी के शेयर का भाव 541 रुपए है। इससे स्पष्ट है कि कंपनी द्वारा निवेशकों को अच्छा फायदा दिया गया है। सूचीबद्ध होने से कंपनी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और कंपनी में रिटेल निवेशकों का दायरा भी बढ़ा है।
नोट: सभी आंकड़े कंपनी द्वारा जारी रिपोर्ट से लिए गए हैं। निवेशक कंपनी में निवेश करने से पूर्व पंजीकृत निवेश सलाहकारों से सलाह लेवें

