बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। तीन दिवसीय सॉर्ट माय कॉलेज यूथ समिट 2.0 का राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में भव्य आगाज़ हुआ। राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने इस समिट के पहले दिन भारत के सबसे प्रभावशाली युवा महोत्सवों में से एक बनने की दिशा में एक शानदार शुरुआत दी।
सॉर्ट माय कॉलेज के फाउंडर दक्ष काला और मीराकी के फाउंडर लक्ष्य लश्करी के सहयोग से आयोजित इस आयोजन की शुरुआत एक लाइव बैंड परफॉर्मेंस के साथ हुई, जिसने पूरे ऑडिटोरियम को जोश और उत्साह से भर दिया। जयपुर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों से आए 2000 से अधिक छात्रों की मौजूदगी ने समिट को ज्ञान, जिज्ञासा और युवा जोश से सराबोर कर दिया।
दिन के सबसे प्रतीक्षित सैशन में से एक था बोट के को-फाउंडर अमन गुप्ता का की-नोट सैशन। समिट में अपने विचार व्यक्त करते हुए अमन गुप्ता ने अपनी स्टार्टअप यात्रा से लेकर भारत के सबसे प्रतिष्ठित लाइफस्टाइल ब्रांड में से एक बनाने तक की कहानी साझा की, जिसने वहां मौजूद युवाओं और उद्यमियों को गहराई से प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि, ‘मैंने एक इन्वेस्टर को छह महीने तक लिंक्डलन पर मैसेज किए, हर हफ्ते अपडेट भेजता रहा और एकतरफा बातचीत करता रहा। जब हमारी कंपनी का एनुअल रेवेन्यू 100 करोड़ रुपए पहुंचा, तब जाकर उन्होंने निवेश किया। अमन गुप्ता ने कहा कि, कई बार आपको अपने स्टार्टअप के लिए ‘बैग, बोरो या स्टील’ करना पड़ता है। अगर आप वाकई में भूखे हो और जुनून है, तो रुको मत—आगे बढ़ते रहो।
अपने शुरुआती सफर को याद करते हुए अमन ने कहा कि 21 साल की उम्र में मुझे खुद नहीं पता था कि मुझे क्या करना है। लेकिन आज जो युवा एंटरप्रेन्योर्स देश को बदल रहे हैं, उस पर हमें गर्व होना चाहिए। अगर आपके पास एक अच्छा आइडिया है और आप उसे सही तरीके से अमल में ला सकते हो, तो फंडिंग मिल ही जाएगी। आज भारत में ऐसे कई नए जमाने के निवेशक हैं जो टैलेंटेड माइंड्स में निवेश करने को तैयार है, बस आपको सही लोगों तक पहुँचना है।
छात्रों को संबोधित करते हुए अमन गुप्ता ने कहा कि आजकल ड्रॉपआउट होना ‘कूल’ माना जाता है, लेकिन अगर आपका आइडिया दमदार, यूनिक और इम्पैक्टफुल है, तो कोई आपको ड्रॉपआउट नहीं कहेगा।
युवाओं को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी एंटरप्रेन्योरशिप की ये जर्नी एंजॉय करो अगर पता है कि क्या करना है, तो फुल फोकस से करो और अगर नहीं पता, तो एक्सप्लोर करो। अपने पैशन को फॉलो करो, अगर उसमें फेल हो जाओ, तो नया पैशन ढूंढो। जितनी ज्यादा इंटर्नशिप्स कर सकते हो, करो। अलग-अलग फील्ड्स आज़माओ। अगर तुम 20 साल के हो तो एक्सपेरिमेंट करो, क्योंकि 30 साल की उम्र में चीज़ें सीरियस हो जाती हैं।
दिनभर चले समिट में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों द्वारा इंपोर्टेंट सेशंस का संचालन किया गया। एमिटी यूनिवर्सिटी जयपुर ने कॉलेज के दौरान बिजऩेस शुरू करने पर अंतर्दृष्टियां साझा करते हुए सीखने की श्रृंखला की शुरुआत की। इसके बाद साउथ हैम्पटन यूनिवर्सिटी, दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के अवसरों पर प्रकाश डाला, वहीं विवेकानंदा ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने बहुविषयक शिक्षा और उद्यमिता पर विचार प्रस्तुत किए।
स्टैंड-अप कॉमेडियन आशीष सोलंकी ने अपने मज़ेदार और शानदार प्रदर्शन से छात्रों को हँसी से लोटपोट कर दिया। इसके बाद भारत के लोकप्रिय डिजिटल क्रिएटर्स सोनल देवराज, प्रियांशु मोदी, तनिषा मिरवानी और देव रेयानी ने मंच संभाला और अपनी असली जिंदगी के अनुभवों और कंटेंट क्रिएशन की यात्रा को साझा किया, जिससे भारत की जनरेशन जी को बहुत कुछ सीखने को मिला।
एसएमसी समिट 2.0 का पहला एजुकेशन, एंटरटेनमेंट और एंपावरमेंट का एक शानदार संगम रहा, जिसने छात्रों को न केवल प्रेरणा दी, बल्कि उन्हें वास्तविक दुनिया की संभावनाओं की स्पष्ट झलक भी दी।
आगामी दो दिनों में समिट में कई रोमांचक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जैसे मॉडल यूनाइटेड नेशन्स (एमयूएन), मॉक ऑक्शन, इंटरनेशनल प्रेस, ई-स्पोर्ट्स एरीना, शार्क टैंक, स्टूडेंट एडिशन, आर्ट कॉन्टेस्ट और क्रिएटर्स चैलेंज रहेंगे। ये सभी कार्यक्रम रचनात्मकता, नेतृत्व, सहयोग और विश्लेषणात्मक सोच को प्रोत्साहित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, ताकि कल के चेंजमेकर्स को संवारा जा सके।
भारत के पहले स्टूडेंट सुपर ऐप सॉर्ट माई कॉलेज और जयपुर की ऑर्गेनाइजेशन मीराकी के सहयोग से, एसएमसी समिट 2.0 का लक्ष्य भारत के युवाओं की आवाज़, सपनों और महत्वाकांक्षाओं को आगे बढऩे का मौका प्रदान करना है। सीखने, नेतृत्व करने और अपने भविष्य को आगे बढ़ाने के इच्छुक छात्रों के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।

