पूरे समाज में खेल, स्वास्थ्य और फिटनेस की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आज राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाएगा। इस दिन का महत्व इसलिए भी है कि महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद का जन्म दिन है। उन्हें हॉकी के जादूगर के रूप में जाना जाता है। मेजर ध्यानचंद ने भारत को 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। केंद्र सरकार ने उनके असाधारण योगदान और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पहली बार वर्ष, 2012 में 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में घोषित किया था। यह दिन देश के नागरिकों, विशेषकर युवाओं को शारीरिक गतिविधियों और स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। खेलों के माध्यम से अनुशासन, टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता और दृढ़ संकल्प जैसे गुण विकसित होते हैं। इस दिन देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार और द्रोणाचार्य पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है। वहीं खेल दिवस लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधि और खेल अपनाने के लिए प्रेरित करता है। देश के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों और प्रशिक्षकों के योगदान को पहचान देता है। खेलों के माध्यम से अनुशासन, नेतृत्व, सहयोग और आत्मविश्वास जैसे गुण विकसित होते हैं। इसके अलावा बच्चों और युवाओं को खेलों में भाग लेने तथा कॅरियर के रूप में खेल को देखने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस दिन ध्यानचंद जैसे खिलाडिय़ों की उपलब्धियों को याद करके देश की खेल विरासत के प्रति गौरव की भावना मजबूत होती है।

