पिछले दिनों से चल रही मंदी के बीच गत दिवस देसी शेयर बाजार में शानदार तेजी देखी गई और सूचकांकों ने दो अप्रैल को हुए नुकसान की भरपाई कर ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ओर से वाहन आयात शुल्क पर संभावित रोक और चुनिंदा इलेक्ट्रॉनिक्स पर शुल्क में छूट बढ़ाने के संकेत दिए जाने के बाद बाजार में तेजी आई है। दोनों प्रमुख सूचकांकों ने ५ महीने की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की। जहां एक ओर अमेरिका और चीन के बीच जारी टैरिफ वॉर का अप्रत्यक्ष लाभ भारतीय करेंसी रुपया को मिल रहा है। दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाकर एक-दूसरे के निर्यात को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका असर वहां के शेयर बाजारों में दिख रहा है। इस अनिश्चितता के माहौल में विदेशी निवेशकों का रुझान भारत जैसे उभरते बाजार की ओर बढ़ा है। विशेष रूप से भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के बढऩे से डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार मजबूत हो रहा है। डॉलर के मुकाबले में गत दिवस चौथे दिन तेजी देखने को मिल रही है। जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में डॉलर के मुकाबले में रुपए में और भी तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि कुछ जानकारों का कहना है कि शेयर बाजार में मिली-जुली धारणा और कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी ने थोड़ी दबाव की स्थिति भी बनाई है। इसके बावजूद अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और भारत में मजबूत विदेशी निवेश प्रवाह के चलते रुपया आने वाले दिनों में और मजबूती दिखा सकता है।

