मुंबई, 08 अप्रैल 2025 | नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एनएसई अकादमी लिमिटेड (एनएएल) ने राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संस्थान (ni-msme) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। एनआई-एमएसएमई, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार) के तहत कार्यरत एक अग्रणी संस्थान है जो उद्यमिता विकास के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
इस साझेदारी का उद्देश्य उभरते हुए उद्यमियों, छोटे व्यवसाय मालिकों और पेशेवरों को सशक्त बनाना है। इसके तहत डिजिटल और वित्तीय रणनीति, व्यापार प्रबंधन और उद्यमिता कौशल को मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रमाणन पाठ्यक्रम प्रदान किए जाएंगे। इसका लक्ष्य एक ऐसी मजबूत समर्थन प्रणाली बनाना है जो व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ एमएसएमई क्षेत्र की संपूर्ण मजबूती में योगदान देगी।
एनएसई अकादमी लिमिटेड की वित्तीय और तकनीकी क्षेत्रों में विशेषज्ञता और एनआई-एमएसएमई की उद्यमिता विकास में गहरी समझ को जोड़ते हुए, यह साझेदारी आवासीय और गैर-आवासीय बूट कैंपों के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र के लिए प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इन बूट कैंपों में वित्तीय प्रबंधन, विपणन रणनीति, व्यवसाय योजना और संचालन कुशलता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उद्देश्य यह है कि एक सशक्त सहायता तंत्र स्थापित किया जाए जो व्यक्तिगत विकास को प्रोत्साहित करते हुए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र की समग्र मजबूती को भी और सशक्त बनाए।
इस अवसर पर एनआई-एमएसएमई की महानिदेशक डॉ. सुनचू ग्लोरी स्वरूपा ने कहा: “एनएसई अकादमी के साथ यह साझेदारी एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के हमारे मिशन के साथ पूरी तरह से मेल खाती है। उद्यमिता विकास में हमारे अनुभव को वित्तीय और डिजिटल प्रशिक्षण में एनएसई अकादमी की विशेषज्ञता के साथ जोड़कर, हम एमएसएमई की उभरती जरूरतों को पूरा करने वाले प्रभावशाली शिक्षण अनुभव प्रदान करने में सक्षम होंगे। यह पहल पूरे देश में व्यवसायों की वृद्धि और स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान देगी।”
एनएसई अकादमी लिमिटेड के सीईओ श्री अभिलाष मिश्रा ने कहा: “एनआई-एमएसएमई के साथ हमारी साझेदारी भारत के उस एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। केंद्रित कौशल विकास और वित्तीय शिक्षा कार्यक्रम प्रदान करके, हमारा लक्ष्य उद्यमशीलता को बढ़ावा देना और विकास और सफलता के अवसर पैदा करना है।”

