धैर्यवर्धन सिंह राजावत | Business Remedies | नई दिल्ली। कैपिटल मार्केट एवं फाइनेंस क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख कंपनी चॉइस इंटरनेशनल लिमिटेड ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि कंपनी ने “चॉइस एएमसी प्राइवेट लिमिटेड” में संपूर्ण हिस्सेदारी हासिल की है। उल्लेखनीय है कि म्यूचुअल फंड स्थापित करने के लिए सेबी द्वारा दी गई सैद्धांतिक मंजूरी की जानकारी देने वाले 26 दिसंबर, 2024 के संचार के संदर्भ में, कंपनी के अनुसार सेटअप के एक हिस्से के रूप में सेबी (म्यूचुअल फंड) विनियमों के अनुसार अपेक्षित नेट वर्थ वाली एएमसी कंपनी स्थापित करनी थी। कंपनी ने मेसर्स चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड (डब्ल्यूओएस) से शेयरों के अधिग्रहण और नेट वर्थ आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कंपनी में आगे की पूंजी के निवेश के जरिए अपनी स्टेप डाउन सहायक कंपनी “चॉइस एएमसी प्राइवेट लिमिटेड” में पूरी हिस्सेदारी हासिल कर ली है। “चॉइस एएमसी प्राइवेट लिमिटेड” अब कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।
कंपनी ने पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड से 10 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर “चॉइस एएमसी प्राइवेट लिमिटेड” के 61,10,000 इक्विटी शेयर खरीदे हैं। इसके अलावा, पूंजी निवेश के बाद कंपनी को “चॉइस एएमसी प्राइवेट लिमिटेड” के 10 रुपये प्रति शेयर के 5,00,00,000 इक्विटी शेयर आवंटित किए गए हैं।
मेसर्स एएमसी प्राइवेट लिमिटेड का 31 मार्च, 2024 तक टर्नओवर 60.15 लाख रुपए और नेटवर्थ 535.09 लाख रुपए दर्ज किया गया। स्टेप डाउन सब्सिडियरी का अधिग्रहण आर्म्स लेंथ प्राइस पर किया गया है। म्यूचुअल फंड सेटअप के लिए प्रायोजक के रूप में कार्य करते हुए, कंपनी चॉइस इंटरनेशनल लिमिटेड को म्यूचुअल फंड की स्थापना की प्रक्रिया के रूप में एक एएमसी कंपनी भी स्थापित करने की आवश्यकता है। म्यूचुअल फंड की स्थापना के एक हिस्से के रूप में कंपनी को सेबी (म्यूचुअल फंड विनियमन) के अनुसार नेटवर्थ आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एएमसी कंपनी में पूंजी डालने की आवश्यकता है। लेनदेन किसी भी सरकारी या नियामक अनुमोदन के दायरे में नहीं आता है।

