Friday, July 10, 2026 |
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महिला निवेशकों का म्यूचुअल फंड्स की ओर बढ़ता रुझान : फ़ोनपे वेल्थ से अहम जानकारियाँ

by Business Remedies
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नई दिल्ली : फ़ोनपे वेल्थ अपने प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की म्यूचुअल फंड्स में बढ़ती भागीदारी के साथ-साथ उनके बढ़ते निवेश और योगदान में हो रही वृद्धि को सामने ला रहा है। महिला निवेशकों के बढ़ते योगदान और निवेश प्रतिबद्धता को देखते हुए, फ़ोनपे वेल्थ ने 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक 1 लाख महिला निवेशकों के निवेश पैटर्न का विश्लेषण किया, और डेटा दर्शाते हैं कि महिलाएँ सोच-समझकर बड़े निवेश कर रही हैं और अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

उपरोक्त अवधि के डेटा से पता चलता है कि महिला निवेशकों का एवरेज सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) योगदान पुरुषों की तुलना में लगभग 22 प्रतिशत अधिक है, जबकि उनका एवरेज लम्पसम निवेश पुरुषों से लगभग 45 प्रतिशत अधिक रहा है। ये डेटा दर्शाते हैं कि महिलाएँ वित्तीय बाजारों और जोखिम को एक नए नजरिए से देख रही हैं।

“हम महिला निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और वित्तीय क्षेत्र में उनके बदलते योगदान की सराहना करते हैं,”— नीलेश डी नायक, हेड ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स, शेयर डॉट मार्केट (फ़ोनपे वेल्थ)। उन्होंने आगे कहा, “हमारे डेटा यह भी दर्शाते हैं कि अब महिला निवेशक न केवल भाग ले रही हैं, बल्कि सक्रिय रूप से निवेश भी कर रही हैं। हमारा मानना है कि महिला निवेशक वित्तीय रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर हैं। वे अपने पोर्टफ़ोलियो में विविधता ला रही हैं और दीर्घकालिक सोच के साथ निवेश कर रही हैं। अब यह धारणा बदल चुकी है कि महिलाएँ वित्तीय मामलों में बेहद सतर्क रहती हैं।”

महिलाओं के बदलते निवेश पैटर्न से वित्तीय उद्योग का स्वरूप बदल रहा है, जिससे उनकी जरूरतों को प्राथमिकता देना अब और भी जरूरी हो गया है। इस बदलाव को समझते हुए, फ़ोनपे वेल्थ निवेशकों के लिए निवेश को आसान और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए विभिन्न संसाधन और टूल्स उपलब्ध करा रहा है, जिससे वे अपने निवेश को अच्छे से मैनेज कर सकें और अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा कर सकें।

1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक फ़ोनपे वेल्थ म्यूचुअल फंड्स की 1,00,000 महिला निवेशकों पर किए गए सर्वेक्षण के मुख्य निष्कर्ष:
● 90% महिला निवेशक सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के साथ शुरुआत करती हैं, जिससे पता चलता है कि वे अनुशासित और दीर्घकालिक निवेश को प्राथमिकता देती हैं।
● महिला निवेशकों का एवरेज एसआईपी योगदान मूल्य ₹1300 है, जो पुरुषों की तुलना में 22% अधिक है।
● महिला निवेशकों का एवरेज लम्पसम निवेश पुरुष निवेशकों की तुलना में 45% अधिक है।
● महिलाएँ वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही हैं, जिसमें महाराष्ट्र (20%), कर्नाटक (12%), और उत्तर प्रदेश (9%) का प्रमुख योगदान रहा है।
● 72% महिला निवेशक B30 (टॉप 30 शहरों के अतिरिक्त) शहरों से हैं, जिससे यह पता चलता है कि म्यूचुअल फंड्स की पहुँच बड़े महानगरों से आगे बढ़ रही है। वाराणसी, रांची, देहरादून, गुवाहाटी और वडोदरा जैसे शहरों में महिला निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है, जो संपत्ति निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।
● लगभग 50% महिला निवेशकों ने कॉन्ट्रा/वैल्यू फंड्स में निवेश किया है। अन्य लोकप्रिय निवेश श्रेणियों में फ्लेक्सि-कैप, मिड-कैप, स्मॉल-कैप और थीमैटिक फंड्स शामिल हैं। यह विविध फंड चयन दर्शाता है कि महिलाएँ पोर्टफोलियो में विविधता लाने, रणनीतिक निवेश करने और सोच-समझकर जोखिम लेने की अच्छी समझ रखती हैं।
● 74% महिला निवेशक 35 वर्ष या उससे कम उम्र की हैं, जिनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी (29%) 26 से 30 वर्ष की उम्र के बीच का है।
● महिलाएँ ज्यादातर सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच निवेश करती हैं, और इसी अवधि में 44% लेन-देन होते हैं।



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