बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली
World Gold Council द्वारा तीसरी तिमाही और पूरे साल के लिए 2024 Gold डिमांड ट्रेंड्स रिपोर्ट जारी कर दी गई है, जिसके मुताबिक सालाना सोने की मांग (ओटीसी सहित) नई ऊँचाई को छूते हुए 4974 टन तक पहुँच गई है। इसका कारण केंद्रीय बैंक द्वारा लगातार मजबूत और सतत खरीद एवं निवेश की मांग में वृद्धि है। सोने के रिकॉर्ड स्तर पर ऊँचे मूल्यों और वॉल्यूम के कारण मांग का कुल मूल्य अब तक के सबसे बुलंद स्तर पर 382 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया। केंद्रीय बैंकों द्वारा 2024 में सोने की खरीद जारी रही, जो लगातार तीसरे साल 1000 टन से अधिक रही। चौथी तिमाही में खरीद बुलंदी को छूते हुए 333 टन तक पहुँच गई और केंद्रीय बैंकों के लिए कुल वार्षिक टोटल 1045 टन हो गया।
लुई स्ट्रीट, सीनियर मार्केट्स एनालिस्ट, वल्र्ड गोल्ड काउंसिल ने कहा कि सोना 2024 में एक बार फिर सुर्खियों में है। पिछले साल इसके मूल्य रिकॉर्ड ऊँचाई तक पहुँच गए थे। इसके बाद भी मांग में बुलंदी जारी रही क्योंकि केंद्रीय बैंकों ने पहली तिमाही में मजबूत मांग दर्ज की। साल के मध्य में मांग कुछ नरम हुई, लेकिन चौथी तिमाही में वह एक बार फिर से बढ़ गई। इसी तरह, साल की दूसरी तिमाही में पश्चिमी निवेशकों की रुचि बढ़ी, जिसके साथ एशियन फ्लो में जबरदस्त वृद्धि हुई, जिससे विश्व में गोल्ड ईटीएफ फ्लो तीसरी और चौथी तिमाही में मजबूत स्थिति में आ गया। इसमें कई केंद्रीय बैंकों द्वारा दरों में कटौती और विश्व में बढ़ती अनिश्चितता से मदद मिली, जिसमें अमेरिका में हो रहे राष्ट्रपति पद के चुनाव और मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव शामिल था।
‘2025 में हमें उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक मुख्य भूमिका निभाते रहेंगे और गोल्ड ईटीएफ निवेशक भी इस दौड़ में शामिल हो जाएंगे, खासकर तब, जब ब्याज दरें अनिश्चित होने के बावजूद कम बनी रहेंगी। दूसरी तरफ, ज्वेलरी की कमजोर मांग जारी रहेगी क्योंकि सोने के ऊँचे मूल्यों और नरम आर्थिक वृद्धि के कारण उपभोक्ताओं की खर्च करने की शक्ति कम हो जाती है। इस साल भूराजनैतिक और मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितता बनी रहने की उम्मीद है, जिससे संपत्ति भंडार बनाने और जोखिमों से सुरक्षा के लिए सोने की मांग बढ़ेगी।’
विश्व में सोने की मांग साल-दर-साल 25 प्रतिशत बढक़र 1180 टन हो गई। यह 2024 की दूसरी तिमाही में गोल्ड ईटीएफ की मांग में सुधार के साथ चार साल में सबसे अधिक है। विश्व में गोल्ड ईटीएफ का 2024 की चौथी तिमाही में 19 टन का योगदान रहा। इसके साथ ही इस एस्सेट वर्ग में लगातार दो तिमाहियों तक इनफ्लो हुआ। बार और सिक्कों की मांग भी 2024 में 1186 टन के साथ 2023 के लगभग समान रही। सोने के ऊँचे मूल्यों के कारण ज्वेलरी सेक्टर में मांग कम हुई तथा वार्षिक खपत 11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,877 टन रह गई। यह गिरावट मुख्यत: चीन में कमजोर मांग (जो साल-दर-साल 24 प्रतिशत कम रही) के कारण थी। हालाँकि भारत में मांग मजबूत बनी रही, जिसमें रिकॉर्ड स्तर पर ऊँचे मूल्यों के बाद भी केवल 2 प्रतिशत की गिरावट हुई। टेक्नोलॉजी सेक्टर में 2021 की चौथी तिमाही के बाद सबसे मजबूत तिमाही दर्ज हुई, और मांग 84 टन तक पहुँच गई। आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस (एआई) और इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाले सोने की मात्रा में थोड़ी सी वृद्धि से साल-दर-साल 7 प्रतिशत बढ़ोत्तरी में मदद मिली और यह 326 टन तक पहुँच गया। सोने की कुल सप्लाई साल-दर-साल 1 प्रतिशत बढ़ी और 4,794 टन की रिकॉर्ड बुलंदी पर पहुँच गई। खनन उत्पादन और रिसाईक्लिंग में वृद्धि से सोने की कुल सप्लाई बढ़ाने में मदद मिली। गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स क्त4 और फुल ईयर 2024 रिपोर्ट में मेटल्स फोकस द्वारा विस्तृत डेटा दिया गया है, जो यहाँ देखा जा सकता है।

