- सरकार की बजट घोषणा से यूथ में खुशी का माहौल
- अब स्टार्टअप अपना रजिस्ट्रेशन 1 अप्रैल 2030 तक करा सकेंगे
बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। हाल ही में वर्ष 2025 का जो बजट प्रस्तुत किया गया है। उस बजट से युथ में खुशी है। अब इनके कंपनी बनने का रास्ता साफ हो गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्तुत बजट में इनके कंपनी रजिस्ट्रेशन की अवधि को भी पांच साल के लिए बढ़ा दिया है। अब स्टार्टअप अपना रजिस्ट्रेशन 1 अप्रैल 2030 तक करा सकेंगे। इस फैसले से उद्योग जगत मेें खुशी का माहौल है। इससे उद्योग संवर्धन व आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा चिह्नित स्टार्टअप को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 आईएसी के तहत कर लाभ मिलेगा। शनिवार को प्रस्तुत बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, ‘हम भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को समर्थन जारी रखेंगे। मैं कंपनी बनने की अवधि 5 साल बढ़ाने का प्रस्ताव करती हूं, जिससे 1 अप्रैल, 2030 के पहले इनकॉर्पोरेटेड स्टार्टअप को लाभ मिल सकेगा।
स्टार्टअप के लिए बड़ी जीत
इस घोषणा को स्टार्टअप के लिए बड़ी जीत बताते हुए डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव सिंह ने कहा कि यह स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए उत्साहजनक खबर है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए स्टार्टअप के पास डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता के अलावा 100 करोड़ रुपए का राजस्व होना आवश्यक है।
नए उद्यमों को आगे बढऩे का अवसर मिलेगा
सरकार की ओर से बजट में की गई इस घोषणा से नए उद्यमों को आगे बढऩे का अवसर मिलेगा। रोजगार के नए अवसर सृजन होंगे। और भारत की आर्थिक वृद्धि में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और स्थिर नीतिगत ढांचा बनेगा।
हर क्षेत्र के स्टार्टअप ने किया घोषणा का स्वागत
हर क्षेत्र के स्टार्टअप ने बजट में की गई इस घोषणा का स्वागत किया है। सरकार के इस कदम से स्टार्टअप को वित्तीय राहत मिलेगी और उद्यमशीलता में तेजी आएगी। व्यापार व उद्योग जगत से जुड़े कई लोगों का कहना है कि उन्हें बजट में की गई घोषणा के असर को लेकर सकारात्मक उम्मीद है।
– बजट में की गई घोषणाएं काफी अच्छी है। इससे टैक्सपेयर को काफी रिलीफ मिलेगा। यह टैक्स फ्रेंडली लेजर है। इससे टैक्स इफेक्ट भी काफी कम होगा। बहुत लंबे समय से यह डिमांड चल रही थी। साथ ही स्टार्टअप प्रमोशन के लिए यह बहुत बेनिफिशियल रहेगा। इस घोषणा से देश में नए स्टार्टअप खुल सकेंगे।
– सीए, पंकज घीया
– बजट में वित्त मंत्री द्वारा की गई इस घोषणा से कर लाभ के लिए ज्यादा स्टार्टअप पात्र होंगे। इससे नकदी का प्रवाह और मुनाफे में वृद्धि होगी। बढ़े हुए कर लाभ से स्टार्टअप, वेंचर कैपिटल के लिए आकर्षक निवेश केंद्र बनेंगे। शुरुआती स्तर पर ज्यादा मुनाफे की संभावना रहेगी।
– सीए, अरुण अग्रवाल

