Saturday, July 11, 2026 |
Home Educationमहिन्द्रा युनिवर्सिटी ने आईसीईटीसीआई 2024 की मेज़बानी कर कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस में नवप्रवर्तन का वातावरण तैयार किया

महिन्द्रा युनिवर्सिटी ने आईसीईटीसीआई 2024 की मेज़बानी कर कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस में नवप्रवर्तन का वातावरण तैयार किया

by Business Remedies
0 comments

बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली
महिन्द्रा युनिवर्सिटी ने कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस में उभरती तकनीकियों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीईटीसीआई 2024) की मेजबानी की। इस चौथे सम्मेलन की तकनीकी रूप से प्रायोजक आईईईई कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस सोसाइटी रही। इस सम्मेलन में दुनियाभर से कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस के दिग्गज लोग शामिल हुए और यह सम्मेलन ज्ञान के आदान प्रदान, नवप्रवर्तन और गठबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
तीन दिनों तक इस आयोजन में ट्यूटोरियल्स, व्याख्यान, एक अनुसंधान वार्तालाप और तकनीकी पत्र प्रस्तुति शामिल रही। विभिन्न क्षेत्रों से विशेषज्ञों ने कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस में अत्याधुनिक घटनाक्रमों पर अपनी अंतर्दृष्टि डाली जिसमें उभरती प्रौद्योगिकियों और एप्लीकेशंस पर खास जोर रहा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेटरी (डीआरडीएल), हैदराबाद के निदेशक डाक्टर जेवीआर सागर ने कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस में विभिन्न अत्याधुनिक विषयों और रक्षा, अनुमान योग्य रखरखान, स्मार्ट ग्रिड्स एवं कृषि क्षेत्र में इसके उपयोग पर प्रकाश डाला।
एयरबस इंडिया में डिजिटल प्रमुख (कॉरपोरेट एवं एनालिटिक्स) क्रिस्टिना अब्राहम विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए डेटा की गुणवत्ता और इनकी मापनीयता के महत्व पर प्रकाश डाला और इस संबंध में एयरबस द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
महिंद्रा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉक्टर मेदुरी ने कहा इस तीन दिवसीय तकनीकी आयोजन में अमेरिका जापान सिंगापुर और चीन जैसे विभिन्न देशों से वक्ताओं ने अपने विचार रखें। महिन्द्रा युनिवर्सिटी के इकोल सेंट्राले स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के डीन (अनुसंधान) डाक्टर आर्य कुमार भट्टाचार्य ने कहा, इस सम्मेलन में 450 से अधिक परिपत्र जमा किए गए जिसमें से केवल करीब 100 परिपत्रों को प्रस्तुति के लिए चुना गया। इस तरह से यह अत्यधिक सफल सम्मेलन रहा। यह सम्मेलन 6जी वायरलेस संचार प्रणाली से लेकर ‘ब्रिजिंग लैंग्वेज इन मशीन्स एंड लैंग्वेज इन दि ब्रेन’ जैसे आकर्षक विषयों पर ट्यूटोरियल सत्रों के साथ शुरू हुआ। बाद के दिनों में जाने माने वक्ताओं ने अपने व्याख्यान दिए जिनमें एनवीआईडीआईए एआई टेक्नोलॉजी सेंटर्स के निदेशक डाक्टर जॉन ऐशले, मिशिगन स्टेट युनिवर्सिटी, अमेरिका में चेयर प्रोफेसर कल्याणमॉय देब, जापान की युनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो की प्रोफेसर अकीरा हिरोसे, हांगकांग की सिटी युनिवर्सिटी के प्रोफेसर जुन वांग और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ में मुख्य वैज्ञानिक डाक्टर विज शामिल थे। इन सत्रों ने सम्मेलन में शामिल हुए लोगों को सार्वभौम एआई, बड़े लैंग्वेज मॉडलों, क्वाटरनियन न्यूरल नेटवर्क्स और उभरते कंप्यूटेशन के साथ ही कई अन्य विषयों में गहरी अंतर्दृष्टि प्रदान की
आईसीईटीसीआई 2024 में करीब 105 संस्थानों की ओर से विभिन्न तकनीकी परिपत्रों की भी प्रस्तुति की गई। इन संस्थानों में आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, डीआरडीएल, इसरो, बॉश और विभिन्न अन्य संस्थान शामिल रहे। इन परिपत्रों के जरिए साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य की देखभाल और स्मार्ट कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में नवीनतम अनुसंधान प्रदर्शित किया गया।



You may also like

Leave a Comment