बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर
एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से ‘जैव प्रसंस्करण एवं विश्लेषण-बेंच टू पायलट स्केल’ विषय पर चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों में माइक्रोबायोलॉजी के स्नातकोत्तर छात्रों से लेकर विभिन्न विश्वविद्यालयों के रिसर्च फील्ड के स्कॉलर शामिल हुए और बायो फर्टिलाईजर्स प्रोडक्शन से संबंधित प्रेक्टिकल अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त कार्यशाला में उन्हें व्यापक स्तर पर उत्पादन तकनीक के बारे में बताया गया। प्रतिभागियों ने लेब्रोरेट्री स्केल से लेकर बड़े पैमाने पर जैव उर्वरकों के उत्पादन के बारे में सीखा। एग्रीकल्चर स्टार्टअप और एकेडमिक ऑर्गेनाइजेशन के विभिन्न विषय-विशेषज्ञों ने तकनीकों का प्रदर्शन किया और प्रतिभागियों के साथ अपने बहुमूल्य अनुभव साझा किए।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग को डीएसटी, डीबीटी, आईसीएआर, आईसीएमआर, डीएसआईआर, एमओएफ-पीआई और अग्रणी उद्योगों द्वारा अनुसंधान अनुदान और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना के रूप में मान्यता प्राप्त है। कार्यशाला के दौरान तैयार किए गए जैव उर्वरकों के पैकेट विश्वविद्यालय के उन्नत भारत अभियान प्रकोष्ठ को सौंप दिए गए हैं, जिन्हें विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के किसानों को प्रदान किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) अमित जैन ने विश्वविद्यालय प्रयोगशालाओं में छात्रों को प्रदान किए गए अवसरों और सुविधाओं का सर्वोत्तम उपयोग करने के तरीके पर संबोधित करते हुए छात्रों को प्रोत्साहित किया। एमिटी विश्वविद्यालय राजस्थान के प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) जी के आसेरी ने प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और युवाओं को वैज्ञानिक बनने और शोध विद्वानों को कृषि-नवाचारों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया, जो समय की मांग है, जिसके लिए विश्वविद्यालय उद्योग जगत के लिए प्रोफेशनल्स तैयार कर रहा है। वर्कशॉप में जानकारी दी गई कि एमिटी विश्वविद्यालय राजस्थान ने 5 गांवों को गोद लिया है, जहां किसानों को कृषि विकास और उत्पादन के लिए सस्टेनेबल ग्रीन प्रेक्टिस के बारे में जागरूक किया जाता रहा है। वर्कशॉप को डीएसटी-पर्स परियोजना द्वारा संयुक्त रूप से प्रायोजित किया गया है और विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी डिवीजन द्वारा समर्थित है। कार्यशाला संयोजक डॉ. दीप्ति सिंह ने सभी एक्सपर्ट्स और प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया।

