Friday, July 3, 2026 |
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भारतीय विधायकों ने एनसीएसएल विधान शिखर सम्मेलन 2024 में वैश्विक संबंधों को मजबूत किया

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बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली
वैश्विक विधायी संवाद और सहयोग हेतु एक ऐतिहासिक आयोजन में, देश भर के विधायकों, एम.एल.सी. और राज्य विधानसभाओं के स्पीकरों सहित 50 भारतीय विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने लुइविल, केंटकी, अमरीका में नेशनल कॉन्फ्रेंंस ऑफ स्टेट लेजिस्लेचर (एन.सी.एस.एल.) के विधायी शिखर सम्मेलन में भाग लिया। यह दौरा राहुल वी. कराड और एन.सी.एस.एल. की एक पहल, नेशनल लेजिस्लेटर्स कॉन्फ्रेंस (एन.एल.सी.) भारत के बीच सहयोग का एक हिस्सा थी।
एन.सी.एस.एल. विधान शिखर सम्मेलन 2024 में भारत के प्रमुख विधायकों ने भाग लिया, जिन्होंने विश्वस्तर पर विधायी चर्चाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उल्लेखनीय सहभागियों में ए.एन. शमसीर (केरल के अध्यक्ष), यू.टी. खादर फऱीद (कर्नाटक के माननीय अध्यक्ष), थॉमस ए संगमा (मेघालय के माननीय अध्यक्ष), कुलतार सिंह संधवाँ (पंजाब के अध्यक्ष) और रुद्रप्पा मनप्पा लमानी (कर्नाटक के माननीय उपाध्यक्ष) शामिल थे। उनके साथ दिल्ली से जरनैल सिंह, विशेष रवि और राजेश गुप्ता, उत्तर प्रदेश से संजय कुमार शर्मा,धीरेंद्र सिंह और श्री दिलीप कुमार पांडे और पंजाब से डॉ. रवजोत सिंह, नीना मित्तल, सुखवीर सिंह, अमृतपाल सिंह सिद्धू और जीवन ज्योत कौर सहित अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल हुए; जो विभिन्न राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
पंजाब विधान सभा की सदस्य जीवन ज्योत कौर ने कहा कि मैं इस असाधारण मंच प्रदान करने के लिए राहुल कराड की अत्यधिक सराहना करती हूँ। यह शिखर सम्मेलन एक नई जानकारी प्राप्त करने वाला अनुभव रहा है, जिसने सहयोगात्मक विधायी संबद्धता के लिए एक नया मानक स्थापित किया है। विभिन्न राजनीतिक पृष्ठभूमि से आनेवाले विधायकों को एक साथ मिलाकर, यह पहल भारत की प्रगति के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण को और भी बेहतर बना देती है। विभिन्न विधायी तौर-तरीकों और अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोणों से परिचित होना बहुमूल्य रहा है, जिससे साधारण चुनौतियों का समाधान करने और सार्थक सुधारों को बेहतर बनाने की हमारी क्षमता बढ़ी है।
उत्तर प्रदेश विधान सभा की सदस्य डॉ. सुरभि ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय संवाद के माध्यम से लोकतंत्र को तटस्थ बनाने का एन.एल.सी. भारत का दृष्टिकोण बहुत प्रभावशाली रहा है। इस शिखर सम्मेलन ने विशेष रूप से डिजिटलिकरण के अत्याधुनिक तौर-तरीकों और प्रभावशाली कथाओं के सृजन की रणनीतियों को समझने में एक समृद्ध जानकारीपूर्ण अनुभव प्रदान किया। अमेरिकी सत्रों से प्राप्त ज्ञान सहायक होगा क्योंकि हम भारत में अपनी विधायी प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए इन जानकारियों को अपनाते हैं। मैं साथी विधायकों को भविष्य के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए दृढ़ता से प्रोत्साहित करती हूँ ताकि इसी तरह की मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्राप्त हो और हमारी सामूहिक उन्नति में योगदान दिया जा सके।



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