Tuesday, October 6, 2026 |
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गहराती मंदी की आहट, संभलने का है समय

Signs of a deepening slowdown—it is time to take corrective measures.

by Business Remedies
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भारतीय शेयर बाजार में लगातार आठ हफ्तों से जारी गिरावट एक साधारण साप्ताहिक उतार-चढ़ाव मात्र नहीं है, बल्कि यह वैश्विक और घरेलू अर्थव्यवस्था में गहरे होते बदलावों का परिचायक है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से लगातार भारी बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी इस मंदी की मुख्य वजहें हैं। पिछले कुछ हफ्तों में निवेशकों की गाढ़ी कमाई के रूप में खरबों रुपए स्वाहा हो चुके हैं, जो बाजार के बुनियादी ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस मंदी की सीधी मार सबसे पहले शेयर बाजार से जुड़े निवेशकों पर पड़ी है। विशेषकर खुदरा निवेशकों और म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करने वाले मध्यम वर्ग की पूंजी में भारी सेंध लगी है। जिन छोटे निवेशकों ने हाल ही में ऊंचे स्तर पर शेयर खरीदे थे, वे भारी घाटे के चलते मानसिक तनाव और वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। संपत्ति घटने से लोगों की खर्च करने की क्षमता कम हुई है, जिसका असर वित्तीय बाजारों में उनके भरोसे पर भी पड़ा है। शेयर बाजार की यह सुस्ती केवल निवेशकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम उपभोक्ता को भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रही है। गिरते बाजार में डर के कारण छोटे निवेशक नुकसान में पैसा निकाल दें तो उनकी वर्षों की बचत प्रभावित हो सकती है। जब बाजार में पूंजी का प्रवाह थमता है और कंपनियां दबाव में आती हैं, तो रोजगार के नए अवसरों पर ब्रेक लगता है तथा वेतन वृद्धि धीमी होती है, जिससे आम आदमी की जेब पर चौतरफा बोझ बढ़ता है। यह देश की समग्र अर्थव्यवस्था के लिए संवेदनशील स्थिति है। बाजार का यह दौर कॉर्पोरेट जगत के विस्तार और नई परियोजनाओं के लिए फंड जुटाने की क्षमता को कमजोर करता है। विदेशी पूंजी के पलायन से देश के विदेशी मुद्रा भंडार और चालू खाते के घाटे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यदि यह मंदी लंबी खिंचती है, तो देश के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर और समग्र आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार भी सुस्त पड़ सकती है। इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति से निपटने के लिए सरकार और नीति निर्माताओं को त्वरित और ठोस कदम उठाने होंगे। भारतीय रिजर्व बैंक को मौद्रिक मोर्चे पर सतर्कता बरतते हुए तरलता को संतुलित रखना चाहिए।



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