Thursday, July 23, 2026 |
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‘आधुनिक फर्टिलिटी उपचार पहले से अधिक सुरक्षित, सटीक और मरीज-केंद्रित हो चुके हैं’: Dr. Ruchi Singh

by Business Remedies
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जयपुर | चारू भाटिया | सहायक प्रजनन तकनीक (ART) में प्रगति से लेकर फर्टिलिटी यात्रा के दौरान दंपतियों को परामर्श देने के महत्व तक, प्रजनन चिकित्सा में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय बदलाव आया है। बिजनेस रेमेडीज के साथ इस विशेष बातचीत में Vasundhara IVF, Jaipur की प्रमुख IVF विशेषज्ञ एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ Dr. Ruchi Singh ने फर्टिलिटी केयर के क्षेत्र में अपने सफर, केंद्र द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं, IVF के भविष्य और सफल उपचार के लिए जागरूक निर्णय लेने के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।

प्रश्न: आप Vasundhara IVF Centre, Jaipur में प्रमुख IVF विशेषज्ञ एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्य कर रही हैं। अब तक की आपकी यात्रा कैसी रही है?

उत्तर: प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में मेरी यात्रा का मुख्य उद्देश्य दंपतियों को माता-पिता बनने की खुशी प्राप्त करने में सहायता करना रहा है। मैंने Jaipur स्थित SMS Medical College से MBBS और MS (Obstetrics & Gynaecology) की शिक्षा पूरी की, जिसने मुझे मजबूत शैक्षणिक और चिकित्सकीय आधार प्रदान किया। स्नातकोत्तर प्रशिक्षण के दौरान मेरी रुचि बांझपन और प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में बढ़ी और मैंने अपना करियर पूरी तरह इसी क्षेत्र को समर्पित करने का निर्णय लिया।

अपनी विशेषज्ञता को और मजबूत करने के लिए मैंने Vasundhara IVF, Jodhpur में बांझपन एवं सहायक प्रजनन तकनीकों (ART) का उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद मैंने South Korea में विशेष प्रशिक्षण लिया, जहां मुझे उन्नत फर्टिलिटी उपचारों और अंतरराष्ट्रीय IVF प्रक्रियाओं की जानकारी मिली। इसके अलावा मैंने Mumbai में एडवांस स्त्री रोग एंडोस्कोपिक (Laparoscopic और Hysteroscopic) सर्जरी का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया, जिससे मुझे कम से कम चीरे वाली तकनीकों के माध्यम से बांझपन से जुड़ी कई समस्याओं का प्रबंधन करने में सहायता मिली।

पिछले 10 वर्षों से मैं पूरी तरह बांझपन उपचार के क्षेत्र में कार्य कर रही हूं। इस दौरान मुझे कई दंपतियों की जटिल फर्टिलिटी समस्याओं को वैज्ञानिक, नैतिक और व्यक्तिगत उपचार के माध्यम से दूर करने का अवसर मिला है। आज Vasundhara IVF Centre, Jaipur में मेरा ध्यान केवल सफल गर्भधारण परिणाम प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि दंपतियों को संवेदनशील और सहयोगात्मक देखभाल प्रदान करना भी है। मेरा मानना है कि हर दंपति की फर्टिलिटी यात्रा अलग होती है और उन्हें ईमानदार मार्गदर्शन, व्यक्तिगत उपचार योजना और हर चरण पर भावनात्मक सहयोग मिलना चाहिए। जब कोई दंपति माता-पिता बनता है और उनके चेहरे पर खुशी दिखाई देती है, तो यह मेरे पेशे का सबसे बड़ा पुरस्कार होता है और यही मुझे हर दिन प्रेरित करता है।

प्रश्न: Vasundhara IVF Centre, Jaipur में आप कौन-कौन सी सेवाएं प्रदान करती हैं?

उत्तर: हम पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए व्यापक फर्टिलिटी केयर उपलब्ध कराते हैं, क्योंकि बांझपन की समस्या केवल एक साथी तक सीमित नहीं होती। प्रत्येक दंपति की पूरी जांच की जाती है और उसके बाद ही सबसे उपयुक्त उपचार योजना तय की जाती है। महिलाओं के लिए हम अनियमित ओव्यूलेशन, PCOS सहित हार्मोन संबंधी समस्याएं, फैलोपियन ट्यूब में रुकावट, गर्भाशय या गर्भाशय ग्रीवा की समस्याएं और अंडों के विकास से जुड़ी परेशानियों का उपचार करते हैं।

हम Follicular Monitoring, Hysterosalpingography (HSG), Saline Sonography (SSG), IVF, ICSI, Blastocyst Transfer, भ्रूण फ्रीजिंग, Laser-Assisted Hatching और Egg Freezing के माध्यम से फर्टिलिटी संरक्षण जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं। इसके अलावा PGD, डायग्नोस्टिक एवं उपचारात्मक Hysteroscopic तथा Laparoscopic प्रक्रियाएं भी उपलब्ध हैं।

पुरुष बांझपन के मामलों में हम कम शुक्राणु संख्या, शुक्राणुओं की कम गतिशीलता, प्रजनन नलिकाओं में रुकावट और फर्टिलिटी को प्रभावित करने वाली अन्य समस्याओं की जांच करते हैं। उपचार में Intrauterine Insemination (IUI), Donor Insemination, TESA, MESA और PESA जैसी Surgical Sperm Retrieval तकनीकें तथा उपयुक्त मामलों में Vas Recanalization शामिल हैं। बांझपन उपचार के अलावा हम महिला स्वास्थ्य केंद्र के रूप में भी कार्य करते हैं, जहां महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी व्यापक स्त्री रोग सेवाएं और परामर्श प्रदान किए जाते हैं।

प्रश्न: मरीजों में IVF की सफलता दर को लेकर आपका क्या विचार है?

उत्तर: IVF की सफलता कई चिकित्सकीय और जैविक कारकों पर निर्भर करती है। यह समझना जरूरी है कि IVF हर ऐसे दंपति के लिए पहला या एकमात्र उपचार नहीं है जो बांझपन का सामना कर रहा है। आम धारणा है कि हर बांझ दंपति को IVF की आवश्यकता होती है, जबकि कई दंपति दवाओं, जीवनशैली में बदलाव, Ovulation Induction या अन्य फर्टिलिटी उपचारों से भी गर्भधारण कर सकते हैं।

IVF की सफलता महिला की उम्र, अंडों की गुणवत्ता, शुक्राणुओं की गुणवत्ता, बांझपन के कारण और अवधि तथा संपूर्ण प्रजनन स्वास्थ्य जैसे कारकों से प्रभावित होती है। उम्र बढ़ने के साथ विशेष रूप से महिलाओं में अंडों की संख्या और गुणवत्ता कम होने लगती है, जिससे सफल गर्भधारण की संभावना प्रभावित हो सकती है।

Polycystic Ovary Syndrome (PCOS), Endometriosis, फैलोपियन ट्यूब में रुकावट, कम Ovarian Reserve और पुरुषों से जुड़े बांझपन जैसे कारण भी उपचार के परिणामों को प्रभावित करते हैं। IVF की सलाह देने से पहले बांझपन के सही कारण का पता लगाने के लिए पूरी जांच की जाती है। जांच के परिणामों के आधार पर सबसे उपयुक्त उपचार योजना तैयार की जाती है। IVF सामान्यतौर पर तब अपनाया जाता है जब सरल उपचार विकल्प प्रभावी होने की संभावना कम हो या उनसे अपेक्षित परिणाम प्राप्त न हुए हों। क्योंकि हर दंपति की फर्टिलिटी यात्रा अलग होती है, इसलिए सफल और स्वस्थ गर्भधारण की संभावना बढ़ाने के लिए उपचार हमेशा व्यक्तिगत आधार पर तय किया जाना चाहिए।

प्रश्न: फर्टिलिटी उपचारों में हाल के वर्षों में कौन-कौन से प्रमुख शोध एवं नई प्रगति हुई हैं?

उत्तर: हाल के वर्षों में फर्टिलिटी ट्रीटमेंट में काफी प्रगति हुई है, जिससे IVF अब पहले से अधिक सुरक्षित, व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार और प्रभावी हो गया है। आज डॉक्टर हर व्यक्ति की उम्र, हार्मोन स्तर और संपूर्ण स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उपचार की योजना तैयार कर सकते हैं, बजाय इसके कि सभी के लिए एक जैसा तरीका अपनाया जाए।

सबसे रोमांचक विकासों में से एक Artificial Intelligence का उपयोग है, जो भ्रूण विशेषज्ञों को ट्रांसफर के लिए सबसे स्वस्थ भ्रूण की पहचान करने में मदद करता है। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया बेहतर होती है और यह चिकित्सा विशेषज्ञता को बदलने के बजाय उसका सहयोग करता है।

Egg, Sperm और Embryo Freezing के माध्यम से Fertility Preservation भी अब अधिक सुलभ हो गया है। इससे उन लोगों को उम्मीद मिली है, जो भविष्य में माता-पिता बनना चाहते हैं या जिन्हें Cancer जैसे उपचारों से गुजरना पड़ता है। इसके साथ ही, शोधकर्ता नई तकनीकों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन कर रहे हैं, ताकि मरीजों को केवल वही उपचार उपलब्ध कराए जाएं, जो मजबूत वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित हों। कुल मिलाकर, इन आधुनिक तकनीकों के कारण फर्टिलिटी केयर अब अधिक सटीक, मरीजों के अनुकूल और उन दंपतियों के लिए अधिक उम्मीद भरी बन रही है, जो अपना परिवार शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रश्न: कौन-सी जीवनशैली संबंधी आदतें प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं?

उत्तर: जीवनशैली का प्रजनन स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। आज सबसे प्रमुख बदलावों में देर से विवाह और देर से माता-पिता बनने की प्रवृत्ति शामिल है।

शिक्षा और करियर को प्राथमिकता देना स्वाभाविक है, लेकिन बढ़ती आयु के साथ प्रजनन क्षमता स्वाभाविक रूप से कम होती जाती है, विशेषकर महिलाओं में 35 वर्ष की आयु के बाद और पुरुषों में 40 वर्ष के बाद। मोटापा, असंतुलित भोजन, शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान और अत्यधिक शराब सेवन जैसी जीवनशैली संबंधी समस्याएं भी हार्मोनल असंतुलन और प्रजनन क्षमता में कमी का कारण बनती हैं। PCOS (पूर्व में PCOD) तथा Endometriosis जैसी समस्याएं भी आज पहले की तुलना में अधिक सामान्य हो गई हैं और इनका संबंध आधुनिक जीवनशैली से देखा जाता है। स्वस्थ वजन बनाए रखना, संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना, तंबाकू से दूर रहना और शराब का सीमित सेवन करना प्रजनन क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसके साथ ही वर्षों तक परामर्श टालने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय जांच कराना भी अत्यंत आवश्यक है।

प्रश्न: क्या आपको लगता है कि आज IVF उपचार आम लोगों के लिए पहले की तुलना में अधिक किफायती हो गया है?

उत्तर: पिछले दशकों की तुलना में फर्टिलिटी उपचार निश्चित रूप से अधिक सुलभ हो गया है। चिकित्सा तकनीक अब अधिक व्यापक रूप से उपलब्ध है और विभिन्न शहरों में उपचार के विकल्प भी बढ़े हैं। CGHS जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं तथा विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा संचालित योजनाएं भी पात्र मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं, जिससे कई मामलों में उपचार का वित्तीय बोझ कम होता है। इसके अलावा लोगों की क्रय क्षमता में वृद्धि और बढ़ती जागरूकता के कारण भी अधिक दंपति उपचार में देरी करने के बजाय विशेषज्ञ फर्टिलिटी सेवाएं लेने के लिए आगे आ रहे हैं। हालांकि उपचार की लागत व्यक्ति की परिस्थितियों और आवश्यक उपचार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, फिर भी आज IVF पहले की तुलना में कहीं अधिक सुलभ हो गया है।

प्रश्न: पुरुषों और महिलाओं के लिए फर्टिलिटी संरक्षण के कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं?

उत्तर: फर्टिलिटी संरक्षण प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बनकर उभरा है। जो महिलाएं करियर, व्यक्तिगत कारणों या चिकित्सकीय परिस्थितियों के कारण गर्भधारण को कुछ समय के लिए टालना चाहती हैं, उनके लिए Egg Freezing एक प्रभावी विकल्प है। कम आयु में अंडाणुओं को सुरक्षित रखकर कई वर्षों तक संरक्षित किया जा सकता है और बाद में गर्भधारण की योजना बनने पर उनका उपयोग किया जा सकता है। इसी प्रकार पुरुषों के लिए भी Sperm Freezing की सुविधा उपलब्ध है।

प्रश्न: अगले एक दशक में आप IVF के भविष्य को किस प्रकार देखती हैं और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के बीच जागरूकता के अंतर को कम करने के लिए क्या किया जाना चाहिए?

उत्तर: फर्टिलिटी उपचार का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। प्रजनन चिकित्सा में निरंतर हो रही प्रगति, प्रयोगशाला तकनीकों में सुधार और चिकित्सकीय विशेषज्ञता के बढ़ते स्तर के कारण आने वाले वर्षों में IVF की सफलता दर में और वृद्धि होने की उम्मीद है। हालांकि केवल तकनीक से समस्या का समाधान संभव नहीं है। जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां आज भी बांझपन को लेकर सामाजिक कलंक और गलत धारणाएं मौजूद हैं। जबकि बांझपन पुरुष और महिला दोनों को प्रभावित कर सकता है, इसके बावजूद कई महिलाओं को सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ता है। हमें अधिक जागरूकता अभियान, शैक्षणिक कार्यक्रम और सामुदायिक स्तर पर संपर्क पहल शुरू करने की आवश्यकता है, ताकि मरीजों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच विश्वास मजबूत हो सके।

मेरा यह भी मानना है कि आयु के अनुरूप प्रजनन एवं यौन स्वास्थ्य शिक्षा को अधिक व्यापक रूप से स्वीकार किया जाना चाहिए। यदि युवाओं को फर्टिलिटी, प्रजनन स्वास्थ्य और परिवार नियोजन के बारे में सही जानकारी दी जाए, तो इससे मिथकों, झिझक और सामाजिक संकोच को कम करने में मदद मिलेगी। जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ेगी, अधिक दंपति आत्मविश्वास के साथ फर्टिलिटी उपचार अपनाएंगे और समाज धीरे-धीरे बांझपन को लेकर अधिक जागरूक, संवेदनशील और वैज्ञानिक सोच विकसित करेगा।



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