शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार में दिनभर उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन कारोबार के अंतिम चरण में ज़ोरदार सुधार दर्ज किया गया। शुरुआती घंटों में भारी बिकवाली के दबाव के कारण Sensex और Nifty में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी, हालांकि बाद में निवेशकों की खरीदारी लौटने से दोनों प्रमुख सूचकांकों ने अपने निचले स्तरों से मज़बूत वापसी की। कारोबार समाप्त होने तक Sensex अपनी गिरावट को घटाकर लगभग 615अंक तक ले आया, जबकि Nifty फिर से 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर पहुंचकर 24,013 पर बंद हुआ। इससे बाज़ार में निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक लौटता हुआ दिखाई दिया।
दिन के दौरान सबसे अधिक दबाव सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में देखने को मिला। हालांकि अंतिम घंटों में इस क्षेत्र में भी कुछ सुधार हुआ, फिर भी Nifty आईटी सूचकांक लगभग 4प्रतिशत की गिरावट के साथ प्रमुख नुकसान उठाने वाला क्षेत्र बना रहा। वैश्विक अनिश्चितताओं और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े निवेशकों की सतर्कता का असर इस क्षेत्र पर साफ दिखाई दिया। वहीं व्यापक बाज़ार में सकारात्मक संकेत देखने को मिले। मझोले आकार की कंपनियों और छोटी कंपनियों के सूचकांक, जो शुरुआती कारोबार में दबाव में थे, बाद में हरे निशान में पहुंच गए। इससे यह संकेत मिला कि निवेशकों की रुचि व्यापक बाज़ार में बनी हुई है और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी रही।
बाज़ार की अस्थिरता भी दिन के उच्च स्तरों से कम होती दिखाई दी, जिससे कारोबार के अंतिम चरण में माहौल अपेक्षाकृत स्थिर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमुख सूचकांकों का निचले स्तरों से तेज़ सुधार यह दर्शाता है कि निवेशक अभी भी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना रहे हैं। कुल मिलाकर, शुक्रवार का कारोबार उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन दिन के अंत में हुई मज़बूत वापसी ने निवेशकों को कुछ राहत प्रदान की। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर बाज़ार की दिशा काफी हद तक निर्भर रहेगी।

