गुजरात सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से ₹. 1,567.18 करोड़ के कुल निवेश वाली 15 बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को प्रोत्साहन सहायता देने की मंजूरी प्रदान की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 1,238 प्रत्यक्ष रोजगार अवसरों के सृजित होने की उम्मीद है। यह मंजूरी औद्योगिक नीति-2015 के अंतर्गत संचालित उद्योग प्रोत्साहन योजना के तहत बड़ी औद्योगिक इकाइयों को अंतिम पात्रता प्रमाणपत्र जारी करने वाली समिति की बैठक में दी गई। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय राज्य में विनिर्माण गतिविधियों, तकनीकी विकास और बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक की अध्यक्षता गुजरात के उपमुख्यमंत्री एवं उद्योग मंत्री हर्ष संघवी ने की। योजना के अंतर्गत पात्र उद्योगों को राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) से जुड़ी प्रोत्साहन सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उद्योगों को अपनी उत्पादन इकाइयां स्थापित करने और विस्तार करने में सहायता मिलती है।
बैठक में प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के माध्यम से अब तक गुजरात में कुल ₹. 1,48,336.35 करोड़ का निवेश आकर्षित किया जा चुका है। इसके साथ ही लगभग 1,65,053 प्रत्यक्ष रोजगार अवसरों का सृजन हुआ है। योजना ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के विस्तार के साथ-साथ राज्य के व्यापक औद्योगिक तंत्र को भी मजबूती प्रदान की है। हालिया स्वीकृत परियोजनाओं में सबसे बड़ा निवेश भरूच जिले के रासायनिक क्षेत्र में दर्ज किया गया, जहां ₹. 999.82 करोड़ की परियोजना को प्रोत्साहन सहायता के लिए मंजूरी मिली। यह निवेश राज्य के रासायनिक उद्योग को नई मजबूती देने के साथ उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।
वाहन क्षेत्र में अहमदाबाद जिले की ₹. 75.72 करोड़ और सुरेंद्रनगर जिले की ₹. 44.56 करोड़ की परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से वाहन निर्माण और उससे जुड़े सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इसके अलावा गांधीनगर जिले में ₹. 13 करोड़ मूल्य की एक वस्त्र क्षेत्र परियोजना को भी प्रोत्साहन सहायता के लिए मंजूरी दी गई। यह परियोजना राज्य के वस्त्र उद्योग को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में योगदान दे सकती है।
बैठक में राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जयंती रवि, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी. नटराजन, उद्योग आयुक्त स्वरूप पी., रोजगार एवं प्रशिक्षण निदेशक स्तुति चरण, उद्योग एवं खान विभाग की संयुक्त सचिव भक्ति शमल, वन एवं पर्यावरण विभाग की निदेशक दीपाली टांक तथा गुजरात वाणिज्य मंडल के कोषाध्यक्ष गौरांग भट्ट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य सरकार का मानना है कि इन नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी से निवेश आकर्षण बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और गुजरात की औद्योगिक प्रगति को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

