Sunday, June 28, 2026 |
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Nifty 24,000 के नीचे फिसला, Sensex में 730 अंकों की गिरावट, आईटी शेयरों पर दबाव

by Business Remedies
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Stock Market Update showing Sensex falling 730 points and Nifty trading below 24,000 amid IT sector selloff

भारतीय शेयर बाजार में 19 जून 2026 को कारोबार के दौरान कमजोरी का माहौल देखने को मिला। Stock Market के अनुसार, Nifty 24,000 के स्तर से नीचे कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि Sensex में लगभग 730 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर आईटी क्षेत्र को लेकर बढ़ी चिंताओं और एक्सेंचर के सतर्क कारोबारी अनुमान का असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर भी साफ़ दिखाई दिया।

बाजार में बिकवाली का सबसे अधिक दबाव आईटी क्षेत्र में देखने को मिला। आईटी सूचकांक में लगभग 6 प्रतिशत  की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार की धारणा प्रभावित हुई। निवेशकों ने तकनीकी कंपनियों के शेयरों में लगातार बिकवाली की, जिसके कारण प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते रहे। दूसरी ओर, निफ्टी पर कुछ कंपनियों ने मजबूती भी दिखाई। अडानी एंटरप्राइजेज, सिप्ला, बजाज ऑटो, आईसीआईसीआई बैंक और मैक्स हेल्थकेयर के शेयर प्रमुख बढ़त दर्ज करने वालों में शामिल रहे। इन कंपनियों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को कुछ सीमित सहारा मिला।

हालांकि, आईटी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों जैसे इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और विप्रो के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों में बिकवाली के चलते आईटी क्षेत्र सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बन गया। क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो ऊर्जा क्षेत्र को छोड़कर मीडिया, फार्मा तथा अधिकांश अन्य क्षेत्रीय सूचकांक भी गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। इससे स्पष्ट हुआ कि बाजार में व्यापक स्तर पर दबाव बना हुआ है और निवेशकों का रुझान फिलहाल सतर्क बना हुआ है।

इसके अलावा, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक भी लाल निशान में कारोबार करते रहे। मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे बाजार की कमजोरी और अधिक स्पष्ट हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों, आईटी क्षेत्र की कमजोर संभावनाओं और निवेशकों की सतर्क रणनीति के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है। आने वाले कारोबारी सत्रों में घरेलू और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों के आधार पर बाजार की दिशा तय होने की संभावना है।



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