पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों ने शुक्रवार को सर्राफा बाजार में नई मजबूती ला दी। निवेशकों की खरीदारी बढ़ने से सोना और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। कीमती धातुओं में दिन के कारोबार के दौरान 2प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार में अगस्त डिलीवरी वाला सोना अधिकतम 1.11प्रतिशत यानी ₹.1,668 बढ़कर ₹.1,50,600 के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। सुबह लगभग 11:30 बजे तक सोना ₹.1,49,916 पर कारोबार करता दिखाई दिया, जो पिछले बंद भाव की तुलना में ₹.948 या 0.66प्रतिशत अधिक था। कारोबार के दौरान सोने का न्यूनतम स्तर ₹.1,49,569 रहा। यह पिछले बंद भाव से ₹.637 या 0.42प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। इससे स्पष्ट है कि निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बना हुआ है।
वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी ₹.2,42,143 पर कारोबार करती दिखाई दी। इसमें ₹.2,490 या 1प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। कारोबार के दौरान चांदी ₹.2,44,817 के उच्चतम स्तर तक पहुंची, जो 2.15प्रतिशत की तेज बढ़त को दर्शाता है। चांदी का दिन का न्यूनतम स्तर ₹.2,41,601 रहा, जो पिछले बंद भाव की तुलना में ₹.1,948 या 0.81 प्रतिशत अधिक था। इससे संकेत मिलता है कि चांदी में भी निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। दिन की शुरुआत में वायदा बाजार में सोना ₹.1,50,595 और चांदी ₹.2,42,776 पर खुली थी। शुरुआती कारोबार से ही दोनों धातुओं में मजबूती का माहौल दिखाई दिया। जिंस बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ समय से लगातार बनी महंगाई की चिंताओं और अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं के कारण सर्राफा बाजार दबाव में था। इसी वजह से सोना और चांदी लगातार दूसरे सप्ताह साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहे थे।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह संकेत दिए जाने के बाद कि अमेरिका और ईरान के बीच इस सप्ताहांत तक शांति समझौता हो सकता है, कीमती धातुओं में निचले स्तरों से जोरदार वापसी देखने को मिली। इससे निवेशकों की धारणा में सुधार आया और खरीदारी बढ़ी। इसके बावजूद बाजार में पूरी तरह स्पष्टता नहीं है। ईरानी अधिकारियों ने किसी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में वार्ताओं को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है, जिसके कारण कीमतों में बढ़त सीमित रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि संभावित कूटनीतिक समाधान की उम्मीद से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा और उनमें तेज गिरावट देखने को मिली। साथ ही व्यापक वित्तीय बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है। अब निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता में होने वाले नए घटनाक्रमों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी टिप्पणियों पर रहेगी। इन्हीं संकेतों के आधार पर आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों की दिशा तय हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स चांदी 4 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 66.94 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं कॉमेक्स सोना 2प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 4,203.70 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया। दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल लगभग 3प्रतिशत टूटकर 85डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चा तेल 1.59प्रतिशत की गिरावट के साथ 88.94डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया।

