Monday, July 27, 2026 |
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अमरावती में ₹.1,234.91 करोड़ की आवासीय परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, 1,504 आवास बनाए जाएंगे

by Business Remedies
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GPRA residential housing project approved in Amaravati with 11 residential towers and 1,504 housing units

आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़े आवासीय परिसर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने ₹.1,234.91 करोड़ की लागत वाली सामान्य आवासीय सुविधा परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना केंद्र सरकार के बजटीय सहयोग से वित्तपोषित की जाएगी।

सरकार की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों को पर्याप्त आवास उपलब्ध कराकर उन पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करना है। इसके साथ ही कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने, कार्यकुशलता में सुधार लाने तथा सरकारी कार्यों के बेहतर संचालन को सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल के निकट आवास मिलने से वे अपने दायित्वों का अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। परियोजना का क्रियान्वयन आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के माध्यम से किया जाएगा। निविदा प्रक्रिया से पहले की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं और संबंधित दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं।

अमरावती में प्रस्तावित यह परिसर लगभग 17 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत 11 आवासीय टावरों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें कुल 1,504 आवासीय इकाइयां होंगी। इन आवासों को टाइप-2 से टाइप-6 श्रेणी तक विकसित किया जाएगा। परिसर में 1,972 वाहनों की क्षमता वाली भूमिगत पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना का कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 31.30 लाख वर्गफुट होगा, जिसमें 9.10 लाख वर्गफुट का भूमिगत क्षेत्र भी शामिल रहेगा। यह अमरावती की नई राजधानी में बनने वाली पहली सामान्य आवासीय सुविधा परियोजना होगी। साथ ही यह आंध्र प्रदेश में अपनी तरह की पहली परियोजना मानी जा रही है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सभी भवनों का डिजाइन देश के सर्वोत्तम हरित भवन मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। परियोजना में ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध निर्माण सामग्री के उपयोग तथा निवासियों के स्वास्थ्य और सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। परिसर को न्यूनतम 4-स्टार जीआरआईएचए रेटिंग प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ विकसित किया जाएगा। इसके अलावा निर्माण कार्य ऊर्जा संरक्षण एवं टिकाऊ भवन संहिता 2024 तथा इको-निवास संहिता 2024 के नवीनतम प्रावधानों के अनुरूप होगा।

नए आवासीय परिसर में बैंक, एटीएम, डाकघर, शिशु देखभाल केंद्र, भोजन सुविधा युक्त सामुदायिक भवन, खाद्य परिसर, खरीदारी केंद्र, सेवा केंद्र और अतिथि गृह जैसी आवश्यक नागरिक एवं सामुदायिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। दिव्यांगजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर को बाधारहित स्वरूप में विकसित किया जाएगा ताकि सभी लोगों को सुगम पहुंच मिल सके। रोजगार के मोर्चे पर भी यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होने की उम्मीद है। निर्माण चरण के दौरान प्रतिवर्ष लगभग 7.00 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजित होने का अनुमान है। वहीं परियोजना के संचालन शुरू होने के बाद प्रतिवर्ष लगभग 50,000 मानव-दिवस रोजगार के अवसर लगातार उत्पन्न होंगे। इससे कुशल, अर्द्धकुशल और अकुशल श्रमिकों को व्यापक स्तर पर लाभ मिलने की संभावना है।



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