पश्चिम एशिया में फरवरी से जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब विमानन क्षेत्र पर साफ तौर पर दिखने लगा है। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, Dubai International Airport पर मार्च महीने में यात्री यातायात में लगभग 66 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट मुख्य रूप से ईरान से जुड़े संघर्ष और उससे उत्पन्न व्यवधानों के कारण हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस गिरावट का असर पूरे पहले तिमाही पर भी पड़ा है, जिसमें कुल यात्री संख्या घटकर लगभग 25 लाख रह गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 21 प्रतिशत कम है। दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में शामिल यह केंद्र इस दौरान कई संचालन संबंधी बाधाओं से भी गुज़रा।
संघर्ष के दौरान आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन घटनाओं के कारण अस्थायी रूप से संचालन बंद करना पड़ा, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में उड़ानों पर व्यापक असर पड़ा। इन घटनाओं के कारण यात्रियों की मांग में भी कमी देखी गई और कई उड़ानें प्रभावित हुईं। हालांकि पूरे वर्ष के लिए कोई स्पष्ट अनुमान जारी नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यात्रा की मूल मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉल ग्रिफिथ्स ने कहा कि जैसे-जैसे क्षमता बहाल हो रही है, हवाई अड्डा यात्री यातायात में सुधार को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है और अपनी वैश्विक स्थिति को और मजबूत करेगा।
इस दौरान भारत सबसे बड़ा स्रोत बाजार बना रहा, जहां से लगभग 25 लाख यात्री आए। इसके बाद सऊदी अरब, यूनाइटेड किंगडम और पाकिस्तान का स्थान रहा। गंतव्यों की बात करें तो लंदन में सबसे अधिक 7.52 लाख यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई, जबकि मुंबई और जेद्दा इसके बाद रहे। मार्च की शुरुआत में ही Dubai Airport ने एहतियात के तौर पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की थी, जब पास के क्षेत्र में एक ड्रोन ने ईंधन टैंक को निशाना बनाया था। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया और यात्रियों को अपनी उड़ानों की जानकारी एयरलाइंस से प्राप्त करने की सलाह दी गई।
इस बीच Air India Express ने भी संघर्ष के बीच कतर और बहरीन के लिए उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने की घोषणा की थी। एयरलाइन ने कहा कि वह Dubai, Abu Dhabi, Ras Al Khaimah, Sharjah और Al Ain जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए सेवाएं जारी रखेगी। इसके अलावा ओमान के मस्कट, सऊदी अरब के जेद्दा, रियाद और दम्माम के साथ-साथ बहरीन और दोहा के लिए भी उड़ानें संचालित होती रहेंगी। कुवैत के लिए सेवाएं भी उसके खाड़ी नेटवर्क का हिस्सा बनी रहेंगी।




