वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को लगभग3प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई, जब United States के राष्ट्रपति Donald Trump ने Hormuz जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को राहत देने के संकेत दिए। हालांकि United States और Iran के बीच बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं होने से कीमतें अभी भी100डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का प्रमुख मानक0.66डॉलर यानी0.61प्रतिशत गिरकर107.51डॉलर प्रति बैरल रहा। वहीं दूसरे प्रमुख तेल प्रकार की कीमत2.83डॉलर यानी2.77प्रतिशत गिरकर99.11डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। घरेलू बाजार में MCX पर कच्चे तेल का वायदा भाव₹.9621. पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले बंद भाव से₹.44. यानी0.45प्रतिशत कम है।
कीमतों में यह गिरावट तब आई जब Donald Trump ने West Asia क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि United States जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करेगा, जिससे वे बिना बाधा के अपना काम जारी रख सकें। कई देशों ने Hormuz मार्ग में फंसे जहाजों को निकालने के लिए United States से मदद मांगी है। इसके बावजूद कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, क्योंकि दोनों देशों के बीच शांति समझौते की कमी बनी हुई है। Hormuz जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही अभी भी प्रभावित है और बातचीत जारी है।
इस बीच तेल उत्पादक देशों के समूह ने जून महीने में उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। सात सदस्य देश प्रतिदिन188000 बैरल अतिरिक्त उत्पादन करेंगे, जो लगातार तीसरे महीने वृद्धि को दर्शाता है। हालांकि यह अतिरिक्त आपूर्ति निकट समय में बाजार पर ज्यादा असर नहीं डालेगी, क्योंकि Iran से जुड़ा तनाव अभी भी बना हुआ है।
Stock Market में घरेलू और वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। सुबह के सत्र में Sensex और Nifty लगभग1प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। एशियाई बाजारों में भी तेजी रही, जहां Japan, Hong Kong और South Korea के प्रमुख सूचकांक4प्रतिशत तक चढ़े।

