Wednesday, May 20, 2026 |
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भारत और तंजानिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 9 अरब डॉलर से अधिक, आर्थिक सहयोग में तेज़ी

by Business Remedies
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India Tanzania trade meeting in Dar es Salaam discussing bilateral economic cooperation and investment projects

भारत और तंजानिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 में बढ़कर 9.02 अरब डॉलर तक पहुँच गया है, जो 2024-25 में 8.64 अरब डॉलर था। सरकार ने शुक्रवार को बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता लगातार बढ़ रही है। दार एस सलाम में आयोजित भारत-तंजानिया संयुक्त व्यापार समिति (JTC) का पाँचवाँ सत्र कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित रहा। इसमें स्थानीय मुद्रा में व्यापार निपटान को बढ़ावा देने, भारतीय व्यवसायियों के लिए दीर्घकालिक व्यापार वीज़ा को आसान बनाने, दवा क्षेत्र में नियामकीय सहयोग मजबूत करने और स्वास्थ्य, आयुष, शिक्षा तथा जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में क्षमता निर्माण पर चर्चा हुई।

इस बैठक की सह-अध्यक्षता वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और तंजानिया के विदेश मामलों एवं पूर्वी अफ्रीकी सहयोग मंत्रालय के स्थायी सचिव डॉ. सैमवेल विलियम शेलुकिंडो ने की। चर्चाओं में खनन क्षेत्र में सहयोग, जिसमें भू-वैज्ञानिक अन्वेषण और खनिज निष्कर्षण शामिल है, को लेकर विशेष जोर दिया गया। साथ ही रत्न क्षेत्र में मूल्य संवर्धन, रत्न निर्यात से जुड़े नियमों के विकास और कौशल विकास व क्षमता निर्माण के अवसरों पर भी चर्चा हुई।

शिक्षा और कौशल विकास को भी प्राथमिकता दी गई। आईआईटी मद्रास ज़ांज़ीबार को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक उभरते क्षेत्रीय केंद्र के रूप में बताया गया। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और नए संस्थागत साझेदारी विकसित करने पर बल दिया गया। डिजिटल सहयोग के अंतर्गत भारत स्टैक सहित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पर चर्चा की गई और मौजूदा समझौता ज्ञापन की समीक्षा की गई। भारत ने जहाज निर्माण, बंदरगाह विकास और तटीय अवसंरचना में अपने अनुभव साझा करते हुए तंजानिया के साथ साझेदारी की संभावना भी जताई।

जल अवसंरचना परियोजनाओं के लिए भारत की ओर से 1.1 अरब डॉलर से अधिक की लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत सहयोग को भी रेखांकित किया गया। इन परियोजनाओं से 24 शहरों के 60 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मत्स्य पालन और समुद्री संसाधनों को आर्थिक विकास और खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर उपचार, चिकित्सा विशेषज्ञों, नर्सों और स्वास्थ्य पेशेवरों के आदान-प्रदान कार्यक्रमों पर भी जोर दिया गया।

नवीकरणीय ऊर्जा, प्राकृतिक गैस, जैव ईंधन और बिजली अवसंरचना के क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा हुई। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के नेतृत्व में भारतीय व्यवसायियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस बैठक में शामिल हुआ। दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों और बाजारों के बीच बढ़ती तालमेल को लेकर संयुक्त व्यापार बैठक में सकारात्मक संदेश दिया गया।



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