नई दिल्ली,
क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच हुए Free Trade Agreement (FTA) को “एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाला अवसर” बताया है। उन्होंने कहा कि भारत का विशाल बाजार और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था इस समझौते को बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। प्रधानमंत्री लक्सन ने कहा कि यह समझौता न्यूज़ीलैंड के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, वेतन स्तर में सुधार करेगा और वहां के नागरिकों के लिए आर्थिक संभावनाएं बढ़ाएगा। उन्होंने भारत की लगभग 1.5 अरब की आबादी और बढ़ती आय को एक बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में रेखांकित किया, जहां उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
लक्सन के अनुसार, यह FTA न्यूज़ीलैंड को भारत की आर्थिक प्रगति के साथ जोड़ने का अवसर देगा, खासकर उस समय जब भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत व्यापार बाधाएं काफी हद तक कम होंगी और न्यूज़ीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पहले दिन से ही टैरिफ मुक्त हो जाएंगे, जबकि बाकी पर धीरे-धीरे कमी की जाएगी। इससे न्यूज़ीलैंड के उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भारतीय बाजार में बढ़ेगी और निर्यातकों को वैश्विक स्तर पर बेहतर अवसर मिलेंगे।
27 अप्रैल को भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच इस महत्वपूर्ण FTA को अंतिम रूप दिया गया था, जिसे दोनों देशों के संबंधों में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह समझौता व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग के नए रास्ते खोलेगा, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक आर्थिक स्थिति तेजी से बदल रही है। भारत की ओर से पीयूष गोयल ने इस समझौते को बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में यह सातवां Free Trade Agreement है। यह समझौता न्यूज़ीलैंड के Trade और Investment मंत्री टॉड मैक्ले के साथ हस्ताक्षरित किया गया है और उम्मीद है कि यह वर्ष के अंत तक लागू हो जाएगा।




