नई दिल्ली में Renewable Energy क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी अपने Capacity Expansion को वर्ष 2030 तक 50GW क्षमता हासिल करने के लक्ष्य के साथ पूरी तरह संरेखित कर रही है। कंपनी के Executive Director सागर अडानी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा जो भी नई क्षमता जोड़ी जा रही है, वह इसी दीर्घकालिक लक्ष्य को ध्यान में रखकर योजना बनाई जा रही है। सागर अडानी ने यह भी कहा कि अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने भारत के Energy Transition के लिए लगभग ₹.8,30,000करोड़ का निवेश घोषित किया है, जो निजी क्षेत्र द्वारा वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े निवेशों में से एक माना जा रहा है।
कंपनी वर्तमान में गुजरात के उत्तर क्षेत्र खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा Single-Location Renewable Energy Park विकसित कर रही है। इस पार्क की कुल क्षमता 30GW होगी और यह लगभग 538 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला होगा, जो पेरिस महानगरीय क्षेत्र से लगभग पांच गुना बड़ा है। सागर अडानी ने बताया कि अडानी ग्रीन एनर्जी की स्थापित Renewable Capacity वर्तमान में लगभग 20GW तक पहुंच चुकी है और इसे वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 50GW करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि कंपनी केवल Renewable Energy Projects में ही नहीं बल्कि Transmission Network, Thermal Power Plants और देश में उपलब्ध सभी ऊर्जा स्रोतों में निवेश कर रही है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके। सरकारी नीतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि Renewable Energy को लेकर सरकार का मजबूत समर्थन मिला है, जिसके कारण पिछले वर्ष इस क्षेत्र में रिकॉर्ड 55GW क्षमता जोड़ी गई।
Hormuz Strait को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह वैश्विक चिंता का विषय बना हुआ है, लेकिन भारत सरकार ने इसे प्रभावी तरीके से संभाला है और इसका बोझ आम नागरिकों पर नहीं पड़ने दिया। सागर अडानी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत में नीति दिशा स्पष्ट, निरंतर और क्रियान्वयन केंद्रित रही है। Infrastructure Development को तेज करने, Renewable Capacity बढ़ाने, Transmission Network को मजबूत करने और Long-Term Investment को सक्षम बनाने जैसे क्षेत्रों में निरंतरता ही देश की मजबूती का आधार बन रही है।



