Monday, March 2, 2026 |
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Sensex और Nifty में एक प्रतिशत से अधिक गिरावट

Middle East तनाव से शेयर बाजार में हड़कंप

by Business Remedies
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Sensex and Nifty figures on the stock market screen during the fall

मुंबई,

भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह की शुरुआत भारी गिरावट के साथ की। Middle East में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इज़राइल-ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात के कारण वैश्विक बाजारों में बिकवाली का माहौल रहा, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। सुबह 9.28 बजे के stock market update के अनुसार Sensex 891 अंकों की गिरावट के साथ 80,395 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 268 अंक टूटकर 24,909 पर आ गया। दोनों प्रमुख सूचकांक में एक प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी। वृहद और मध्यम वर्ग के सूचकांकों में भी दबाव देखने को मिला। Nifty Midcap 100 में 1.14 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि Nifty Smallcap 100 में 1.35 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। इससे साफ है कि बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक स्तर पर असर पड़ा। क्षेत्रवार सूचकांकों में सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। Nifty रियल्टी में 2.19 प्रतिशत, तेल एवं गैस क्षेत्र में 1.81 प्रतिशत और वाहन क्षेत्र में 1.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। Middle East में अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे तेल आधारित कंपनियों और परिवहन क्षेत्र पर दबाव बढ़ा है।

विश्लेषकों का कहना है कि Middle East की अनिश्चित स्थिति के चलते निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता सीमित रह सकती है। संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख मार्गों पर उड़ानों के निलंबन के कारण विमानन कंपनियों के शेयरों पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है। क्षेत्रीय अस्थिरता का सीधा प्रभाव परिचालन गतिविधियों पर पड़ रहा है। इस सप्ताह Nifty की साप्ताहिक समाप्ति सोमवार को ही हो रही है, क्योंकि होली के अवसर पर बाजार बंद रहेगा। ऐसे में सीमित कारोबारी सत्र के कारण उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार Nifty के चार लगातार गिरावट वाले सत्र और 200-दिवसीय औसत से नीचे बंद होना बाजार में मंदी की बढ़ती पकड़ को दर्शाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक 25,300 से 25,350 का स्तर प्रतिरोध क्षेत्र माना जा रहा है, जबकि 25,000 से 25,050 के बीच तत्काल समर्थन देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 7 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई है। बाजार सहभागियों को आशंका है कि यदि अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ता है तो आपूर्ति में बड़ी बाधा आ सकती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित होगा।

एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का रुख रहा। जापान का निक्केई सूचकांक 1.5 प्रतिशत गिरा, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 1.68 प्रतिशत लुढ़का और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 1 प्रतिशत नीचे आया। चीन के शंघाई सूचकांक में स्थिरता रही, जबकि शेनझेन सूचकांक में 0.75 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में कमजोरी रही। Nasdaq 0.92 प्रतिशत टूटा, S&P 500 में 0.43 प्रतिशत की गिरावट आई और Dow Jones 1.05 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। वैश्विक संकेतों की इस नकारात्मक पृष्ठभूमि में घरेलू निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।



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